Mumbai-Pune Expressway के ‘Missing Link’ पर लैंडस्लाइड, मुंबई जाने वाली लेन बंद; भारी जाम से लोग परेशान

Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में शुरू हुए ‘मिसिंग लिंक’ (Missing Link) के लिए पहली मानसून की बारिश बड़ी चुनौती बन गई है। सोमवार तड़के भारी बारिश की वजह से टनल 2 के पास एक बड़ा लैंडस्लाइड हुआ,

Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में शुरू हुए ‘मिसिंग लिंक’ (Missing Link) के लिए पहली मानसून की बारिश बड़ी चुनौती बन गई है। सोमवार तड़के भारी बारिश की वजह से टनल 2 के पास एक बड़ा लैंडस्लाइड हुआ, जिसके कारण पुणे से मुंबई जाने वाली लेन को पूरी तरह बंद करना पड़ा। इस हादसे के बाद ट्रैफिक को लोनावला की तरफ मोड़ा गया, जिससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यह 13.3 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट मई 2026 में शुरू हुआ था, जिसे बनाने में करीब 6,695 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे टनल 2 के बाहर पहाड़ से मलबा और बड़े पत्थर नीचे गिर गए। MSRDC ने सुरक्षा को देखते हुए सुबह 4 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया। पहले यह खबर आई थी कि कोई कंक्रीट स्लैब गिर गया है, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि टनल के ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दरअसल, सड़क से करीब 200 मीटर ऊपर पहाड़ी से गिरे पत्थरों ने टनल के प्रवेश द्वार पर बनी सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाया है।

MSRDC के वाइस चेयरमैन अनिलकुमार गायकवाड़ ने इस घटना को ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताया है। उन्होंने कहा कि IIT-बॉम्बे की सलाह पर 15 मीटर तक सुरक्षा उपाय किए गए थे, लेकिन पत्थर बहुत ऊपर यानी करीब 150 मीटर की ऊंचाई से गिरे, इसलिए उन्हें रोकना मुश्किल था। उन्होंने यह भी कहा कि यह ठेकेदार की गलती या निर्माण में कमी नहीं है। इससे पहले 4 जुलाई को केबल-स्टेड ब्रिज के पास कुछ गड्ढे भी देखे गए थे, जिन्हें MSRDC ने तुरंत ठीक कर दिया था।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले कहा था कि नई सड़कें समय के साथ सेट होती हैं और पहली बारिश से कमियों का पता चलता है ताकि फाइनल लेयर से पहले उन्हें सुधारा जा सके। अब MSRDC ने तय किया है कि मानसून खत्म होने के बाद IIT के एक्सपर्ट्स पूरे मिसिंग लिंक का सेफ्टी ऑडिट करेंगे। तब तक हाईवे ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक रास्ता पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक जरूरी न हो तो इस रूट पर सफर न करें।