Mumbai-Pune Expressway पर लैंडस्लाइड, Missing Link सेक्शन बंद होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन में भारी लैंडस्लाइड होने से हड़कंप मच गया। यह हादसा टनल 2 के पास हुआ, जिसकी वजह से मुंबई जाने वाली लेन को करीब 18 घंटे तक बंद रखना पड़ा। महज कुछ
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन में भारी लैंडस्लाइड होने से हड़कंप मच गया। यह हादसा टनल 2 के पास हुआ, जिसकी वजह से मुंबई जाने वाली लेन को करीब 18 घंटे तक बंद रखना पड़ा। महज कुछ हफ्ते पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट ने पहली ही मानसून बारिश में अपनी कमजोरी दिखा दी है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह घटना सोमवार, 6 जुलाई 2026 को सुबह करीब 3:30 बजे हुई। मलबे को हटाने और सुरक्षा जांच के बाद मुंबई जाने वाली लेन को रात 10:10 बजे दोबारा खोला गया। हालांकि, पुणे जाने वाली चार लेनों में से एक लेन अभी भी बंद है, क्योंकि वहां एक चैनल टूटने की वजह से पानी का बहाव जारी है।
MSRDC के अधिकारियों ने इस लैंडस्लाइड को ‘कुदरत का कहर’ बताया है और कहा कि बहुत भारी बारिश की वजह से ऐसा हुआ। MSRDC के उपाध्यक्ष अनिलकुमार गायकवाड़ ने साफ किया कि टनल का मुख्य ढांचा सुरक्षित है, सिर्फ बाहर का सजावटी हिस्सा (फॉल्स फ्रेम) क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि IIT-Bombay द्वारा vetted सुरक्षा उपाय 15 मीटर की ऊंचाई तक के लिए थे, लेकिन इस बार पत्थर लगभग 150 मीटर ऊपर से गिरे थे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हादसे के पीछे चार मुख्य कारण रहे हैं। पहली बात यह कि नए कटे हुए पहाड़ों पर अभी घास और पेड़-पौधे नहीं उगे थे, जो मिट्टी को पकड़कर रखते हैं। दूसरा, 24 घंटे में 625 मिमी जैसी भारी बारिश हुई, जिससे पानी चट्टानों की दरारों में घुस गया और दबाव बढ़ गया। तीसरा, पानी और भारी पत्थरों का दबाव इतना ज्यादा था कि कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल उसे झेल नहीं पाई। चौथा, मानसून की पहली बारिश ने उन छिपी हुई कमजोरियों को उजागर कर दिया जो खुदाई के दौरान नहीं दिखी थीं।
इस घटना के बाद विपक्ष और स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अनंत गड़गिल ने प्रोजेक्ट के खर्च और क्वालिटी की स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है। सरकार ने अब मानसून के बाद नया जियोलॉजिकल सर्वे कराने और IIT-Bombay से फिर से सुरक्षा स्टडी कराने का फैसला किया है। फिलहाल, हाईवे ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है।