Mumbai-Pune Expressway पर लैंडस्लाइड, ट्रेन और फ्लाइट्स ठप; प्रशासन ने कहा- फिलहाल यात्रा न करें
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच यात्रा करने वालों के लिए बहुत जरूरी खबर है। भारी बारिश की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने लोगो
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच यात्रा करने वालों के लिए बहुत जरूरी खबर है। भारी बारिश की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक अगली सूचना न मिले, तब तक इस रूट पर सफर न करें।
सोमवार, 6 जुलाई 2026 को सुबह करीब 3:05 बजे कर्जत-लोनावला भोर घाट सेक्शन में लैंडस्लाइड हुआ, जिसके बाद ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। वहीं एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ के पास टनल 2 के एग्जिट पर लैंडस्लाइड हुआ और एक कंक्रीट पिलर सड़क पर गिर गया। इस वजह से एक्सप्रेसवे दोनों तरफ से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुराना पुणे-मुंबई हाईवे भी जलजमाव के कारण बंद है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य प्रशासन अलर्ट पर है। उन्होंने मुंबई के प्राइवेट ऑफिसों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी है और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों के लिए हाफ-डे घोषित किया है। साथ ही उन्होंने 7 जुलाई को नासिक में क्लाउडबर्स्ट (बादल फटना) की संभावना को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।
रेलवे और फ्लाइट्स की स्थिति इस प्रकार है:
| सेवा | प्रभाव |
|---|---|
| ट्रेनें | 17 कैंसिल, 31 डायवर्ट, 18 शॉर्ट-टर्मिनेट और 15 शॉर्ट-ओरिजिनेट हुई हैं। इंद्रायणी एक्सप्रेस और डेक्कन क्वीन जैसी प्रमुख ट्रेनें रद्द रहीं। |
| फ्लाइट्स | मुंबई एयरपोर्ट पर 17 फ्लाइट्स कैंसिल और 217 डिले हुईं। 5 फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट किया गया। |
| अन्य | मुंबई के डब्बावालों ने ट्रेन बंद होने की वजह से अपनी सेवाएं रोक दीं। |
IMD ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। भारी बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें पुणे के पाटन गांव में लैंडस्लाइड और मुंबई के मानखुर्द में बिल्डिंग गिरने की घटनाएं शामिल हैं। MSRDC ने लैंडस्लाइड को प्राकृतिक आपदा बताया है, जबकि स्थानीय लोग और विपक्षी दल निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे हैं।