Mumbai में विरोध प्रदर्शन पर सख्ती, पुलिस ने लगाया प्रतिबंध, 400 से ज्यादा लोगों पर FIR

Maharashtra: मुंबई में इन दिनों विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर में सार्वजनिक जगहों पर भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस की सख्ती के बीच कई छात्रों और कार्यकर्ताओ

Maharashtra: मुंबई में इन दिनों विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर में सार्वजनिक जगहों पर भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस की सख्ती के बीच कई छात्रों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है, जिससे शहर में असंतोष का माहौल है।

मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक के लिए निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू की है। इसके तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। पुलिस ने जुलूस निकालने, लाउडस्पीकर, संगीत वाद्ययंत्रों और पटाखों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शांति बनाए रखने और जान-माल की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

नियमों के मुताबिक, मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए सिर्फ Azad Maidan को आधिकारिक जगह माना गया है। लेकिन यहाँ भी कई शर्तें हैं। प्रदर्शन के लिए पुलिस की पहले से अनुमति लेनी होती है और यह सिर्फ सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही हो सकता है। साथ ही, यहाँ 5,000 से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते और न ही कोई अनिश्चितकाल के लिए कब्जा कर सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस जगह का कोई खास असर नहीं पड़ता।

पुलिस की कार्रवाई काफी तेज रही है। 18 जुलाई से अब तक कम से कम 13 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें 400 से ज्यादा लोगों को गैरकानूनी सभा करने और आदेशों के उल्लंघन के आरोप में बुक किया गया है। छात्रों का आरोप है कि पुलिस उन्हें WhatsApp पर नोटिस भेज रही है, उनके घरों पर जा रही है और उनकी लाइव लोकेशन मांग रही है ताकि वे प्रदर्शनों में शामिल न हो सकें।

हाल ही में Chembur के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर गार्डन के पास एक छात्र प्रदर्शन को आखिरी समय पर दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा, क्योंकि Azad Maidan की अनुमति रद्द कर दी गई थी। वहीं, 24 जुलाई को Rhiya Ahir नाम की एक मॉडल का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस वैन को रोकती नजर आईं।

ये प्रदर्शन NEET परीक्षा में गड़बड़ी, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में किए जा रहे हैं। Cockroach Janta Party (CJP) ने साफ किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन को NCP (SP), शिवसेना (UBT) और MNS जैसी पार्टियों का भी समर्थन मिला है।