Mumbai Press Club विवाद: पत्रकार Gurbir Singh की याचिका खारिज, अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
Maharashtra: मुंबई सिटी सिविल कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार Gurbir Singh की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मुंबई प्रेस क्लब से अपनी छह साल की सदस्यता रद्द किए जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फैसले क
Maharashtra: मुंबई सिटी सिविल कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार Gurbir Singh की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मुंबई प्रेस क्लब से अपनी छह साल की सदस्यता रद्द किए जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब Gurbir Singh 17 जुलाई 2026 को होने वाले मुंबई प्रेस क्लब के चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
यह पूरा मामला 19 जनवरी 2026 को प्रेस क्लब की छत पर हुई एक अनौपचारिक बैठक से जुड़ा है। इस मीटिंग में Gurbir Singh और दो अन्य पत्रकारों के साथ Elgaar Parishad मामले के कई आरोपी भी मौजूद थे। इनमें वर्नोन गोंसाल्वेस, अरुण फरेरा और सुधा भारद्वाज जैसे नाम शामिल थे। इस घटना के बाद मुंबई प्रेस क्लब ने कार्रवाई करते हुए Gurbir Singh, Bernard D’Mello और Shrikant Modak को छह साल के लिए क्लब से बाहर कर दिया था।
सिविल जज A H Baig ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि Gurbir Singh अंतरिम राहत के लिए कोई ठोस आधार पेश नहीं कर पाए। कोर्ट ने माना कि मुंबई प्रेस क्लब ने अपने नियमों और अनुशासन प्रक्रिया का पालन किया है और किसी के साथ अन्याय नहीं किया। क्लब का कहना था कि इस तरह की बैठक से संस्था की बदनामी हुई और यह कानूनी जोखिम पैदा करता है।
प्रेस क्लब ने अपनी दलील में कहा कि Elgaar Parishad मामला देश की संप्रभुता और अखंडता से जुड़ा है और कई आरोपी जमानत की शर्तों के कारण अन्य आरोपियों से नहीं मिल सकते थे। ऐसी बैठक ने उन शर्तों का उल्लंघन किया और क्लब की साख को नुकसान पहुँचाया। हालांकि, Gurbir Singh ने तर्क दिया था कि जांच का तरीका गलत था, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।