Mumbai में बिजली संकट से मिलेगी राहत, नया पावर कॉरिडोर शुरू, अब शहर की आधी डिमांड पूरी होगी
Maharashtra: मुंबई में बढ़ती बिजली की खपत के बीच शहर के पावर सिस्टम को एक बड़ा अपग्रेड मिला है। एक नया ट्रांसमिशन कॉरिडोर चुपचाप शुरू कर दिया गया है, जो शहर की लगभग आधी बिजली की जरूरत को पूरा करने की क्षमता रखता है। इसके
Maharashtra: मुंबई में बढ़ती बिजली की खपत के बीच शहर के पावर सिस्टम को एक बड़ा अपग्रेड मिला है। एक नया ट्रांसमिशन कॉरिडोर चुपचाप शुरू कर दिया गया है, जो शहर की लगभग आधी बिजली की जरूरत को पूरा करने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही एक दशक से बंद पड़ा सबस्टेशन भी फिर से चालू हो गया है, जिससे अब शहर में बिजली की सप्लाई और बेहतर होगी।
मुंबई में पिछले कुछ समय से बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची है। जून 2026 में शहर की पीक डिमांड 4,608 MW तक चली गई थी। इस बढ़ती जरूरत को देखते हुए Mumbai Urja Marg Ltd (MUML) ने यह हाई-कैपेसिटी कॉरिडोर तैयार किया है, जो मुंबई को नेशनल ग्रिड से जोड़ता है। इससे अब मुंबई 2,000 MW से ज्यादा बिजली बाहर से मंगवा सकेगा, जो शहर की पीक डिमांड का करीब आधा हिस्सा है।
इस प्रोजेक्ट के तहत 2012 से बंद पड़े 400/220-kV नवी मुंबई GIS सबस्टेशन को फिर से चालू किया गया है। अब बिजली के लिए केवल कलवा और खारघर जैसे सबस्टेशनों पर दबाव नहीं रहेगा, बल्कि एक नया एंट्री पॉइंट मिल गया है। यह बदलाव इसलिए जरूरी था क्योंकि शहर में मेट्रो का विस्तार, इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ और नए डेटा सेंटर्स की वजह से बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है।
इसी बीच Tata Power ने भी MMR के लिए 15,000 करोड़ रुपये का बड़ा प्लान पेश किया है। कंपनी मुंबई के अंदर एक 400 kV रिंग नेटवर्क बनाएगी, जो विक्रोली, धारावी, महालक्ष्मी, शिवड़ी और ट्रॉम्बे को जोड़ेगा। इसके अलावा महालक्ष्मी सबस्टेशन को 1,295 करोड़ रुपये की लागत से 400kV में अपग्रेड किया जाएगा, जिसका काम मार्च 2031 तक पूरा होने की उम्मीद है।
| प्रोजेक्ट/अपडेट | मुख्य विवरण | समय सीमा/लागत |
|---|---|---|
| MUML कॉरिडोर | 2,000 MW से ज्यादा बिजली इम्पोर्ट क्षमता | चालू हो गया |
| नवी मुंबई GIS सबस्टेशन | 2012 से बंद था, अब दोबारा शुरू | चालू हो गया |
| Tata Power रिंग नेटवर्क | विक्रोली, धारावी, महालक्ष्मी, शिवड़ी और ट्रॉम्बे को जोड़ना | प्लान जारी |
| महालक्ष्मी सबस्टेशन | 220kV से 400kV में अपग्रेड | मार्च 2031 तक |
| अंबरनाथ सबस्टेशन | डेटा सेंटर्स के लिए प्राथमिकता पर काम | 2028 तक |
| कलवा-कल्याण लाइन | मुंबई में बिजली की आवक बढ़ाना | FY 2026 के अंत तक |
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अपग्रेड से केवल बिजली नहीं बढ़ेगी, बल्कि ट्रांसमिशन के दौरान आने वाली रुकावटें (bottlenecks) भी कम होंगी। MERC ने अंबरनाथ सबस्टेशन के काम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है ताकि डेटा सेंटर इकोसिस्टम को मजबूती मिले। अनुमान है कि 2031 तक मुंबई की पीक डिमांड बढ़कर 6,500 MW तक पहुँच सकती है।