Mumbai में गड्ढों, ट्रैफिक और महंगे घरों से परेशान हैं लोग, सरकार ने दिए राहत के इंतजाम
Maharashtra/Mumbai: मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन यहां रहने वालों के लिए हर दिन एक संघर्ष जैसा होता है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुंबईकर उन समस्याओं से आजादी चाहते हैं जो उनके दैनिक जीवन को मुश्किल बनाती हैं
Maharashtra/Mumbai: मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन यहां रहने वालों के लिए हर दिन एक संघर्ष जैसा होता है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुंबईकर उन समस्याओं से आजादी चाहते हैं जो उनके दैनिक जीवन को मुश्किल बनाती हैं। इनमें मानसून में होने वाले गड्ढे, घंटों का ट्रैफिक जाम और आसमान छूता किराया सबसे प्रमुख है।
सड़कों की हालत सुधारने के लिए BMC ने कमर कसी है। BMC के मुताबिक 10 जून 2026 से अब तक गड्ढों की 2,633 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा को ठीक कर दिया गया है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने वादा किया है कि 2026 के अंत तक मुंबई को पूरी तरह गड्ढा मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए सड़कों को कंक्रीट से बनाने का काम चल रहा है, जिसका 75 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने खराब सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।
घर और किराए की समस्या को देखते हुए सरकार कई कदम उठा रही है। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उन डेवलपर्स पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं जिन्होंने MHADA के लिए आरक्षित घर नहीं सौंपे हैं। CIDCO की नई हाउसिंग स्कीम के तहत 15 अगस्त से नवी मुंबई में EWS घरों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, जिनकी कीमत 23.50 लाख से 43.50 लाख रुपये के बीच होगी। साथ ही, MHADA जल्द ही ठाणे और नवी मुंबई में करीब 8,000 किफायती घरों की लॉटरी निकालने की तैयारी कर रहा है।
ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। महालक्ष्मी ग्राउंड से सात रास्ता को जोड़ने वाला नया केबल-स्टेयड ब्रिज दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा। वहीं, BKC और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ने वाला नया कनेक्टर 14 अगस्त को खुला, हालांकि इसके लैंडिंग पॉइंट पर अभी भी जाम की समस्या देखी गई है। ठाणे-बोरीवली टनल प्रोजेक्ट के लिए दूसरी मशीन ‘अर्जुन’ ने भी खुदाई शुरू कर दी है।
ट्रैफिक नियमों में भी बदलाव हुए हैं। 15 अगस्त से मोटर वाहन अधिनियम के तहत छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए अब आपराधिक कार्यवाही के बजाय आसान कंपाउंडिंग सिस्टम लागू होगा। इसके अलावा, पीक ऑवर्स में भारी वाहनों के प्रवेश पर पहले से ही पाबंदी है।