Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपने इंदिरा डॉक के कार्गो बर्थ को चलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब यहाँ के बर्थ का कामकाज J M Baxi Ports and Logistics और M Dinshaw & Co नाम की कंपनियां संभालेंगी। यह पूरा स
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपने इंदिरा डॉक के कार्गो बर्थ को चलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब यहाँ के बर्थ का कामकाज J M Baxi Ports and Logistics और M Dinshaw & Co नाम की कंपनियां संभालेंगी। यह पूरा सौदा ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) मॉडल पर हुआ है, जिससे पोर्ट की कमाई बढ़ेगी और कामकाज में तेजी आएगी।
किसे मिला कौन सा हिस्सा और कितनी होगी रॉयल्टी?
पोर्ट अथॉरिटी ने इंदिरा डॉक को दो क्लस्टर में बांटा था, जिसकी बोली 7 अप्रैल को खोली गई थी। दोनों कंपनियों को 15 साल के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
| कंपनी का नाम |
बर्थ क्लस्टर |
रॉयल्टी (प्रति टन) |
| J M Baxi Ports and Logistics |
क्लस्टर 1 (10 बर्थ) |
₹153.44 |
| M Dinshaw & Co Pvt Ltd |
क्लस्टर 2 (12 बर्थ) |
₹217 |
इस नए सिस्टम से क्या बदलाव आएंगे?
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन M Angamuthu ने बताया कि इस मॉडल से उन संपत्तियों का सही इस्तेमाल होगा जो अब तक कम इस्तेमाल हो रही थीं। अब प्राइवेट कंपनियां मार्केटिंग और मैनेजमेंट का काम देखेंगी, जिससे पोर्ट पर कार्गो की मात्रा बढ़ेगी।
- कंपनियां अब ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन मटेरियल जैसे साफ कार्गो पर ज्यादा ध्यान देंगी।
- ऑपरेटर अपनी दरों को मार्केट के हिसाब से तय कर सकेंगे, लेकिन वे पोर्ट द्वारा तय सीमा (SoR) से ज्यादा नहीं होंगे।
- बर्थ और डॉक वॉल की मरम्मत का जिम्मा पोर्ट अथॉरिटी का ही रहेगा।
- खतरनाक सामान (Hazardous Cargo) को यहाँ हैंडल नहीं किया जाएगा।
यह मॉडल कहाँ से आया और इसका लक्ष्य क्या है?
चेयरमैन M Angamuthu ने यह मॉडल पहले विशाखापत्तनम पोर्ट में सफलतापूर्वक लागू किया था, जिसे अब मुंबई में लाया गया है। पिछले तीन सालों में इंदिरा डॉक पर आने वाले कार्गो में कमी आई थी, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई थी ताकि मार्च 2026 तक इसे पूरा किया जा सके।