Mumbai Police के लिए चुनौती बने Threat Emails, VPN और विदेशी कंपनियों की वजह से अपराधी हो रहे हैं आजाद
Maharashtra: मुंबई पुलिस के सामने इन दिनों धमकी भरे ईमेल भेजने वालों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN और एन्क्रिप्टेड ईमेल सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जांच अधिकारी डिजिटल र
Maharashtra: मुंबई पुलिस के सामने इन दिनों धमकी भरे ईमेल भेजने वालों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN और एन्क्रिप्टेड ईमेल सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जांच अधिकारी डिजिटल रास्तों पर पहुँचकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, VPN और प्रोटॉन मेल जैसे प्लेटफॉर्म्स की वजह से यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि ईमेल असल में कहाँ से भेजा गया है। कई बार जांच में पता चलता है कि ईमेल अमेरिका या यूरोपीय देशों से भेजा गया है, लेकिन असल में यह केवल एक छलावा होता है। विदेशी कंपनियां भी डेटा साझा करने में बहुत देरी करती हैं या सीधे तौर पर मना कर देती हैं, जिससे केस आगे नहीं बढ़ पाता।
मुंबई पुलिस कमिश्नर विवेक फालसनेकर ने फरवरी 2024 में बताया था कि डेटा एन्क्रिप्शन और प्राइवेसी की वजह से साइबर क्राइम की जांच करना मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की संख्या के मुकाबले पुलिस कर्मियों की कमी है और इसके लिए बेहतर टूल्स और ट्रेंड ऑफिसर की जरूरत है। हाल ही में BMC, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिनमें बम धमाकों की चेतावनी दी गई थी।
जांच के दौरान कई तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं:
| तारीख/घटना | मुख्य समस्या | विवरण |
|---|---|---|
| मार्च 2026 | मुंबई प्रेस क्लब केस | जर्मनी आधारित VPN और प्रोटॉन मेल का इस्तेमाल, ट्रेस करना मुश्किल। |
| मार्च 2026 | विधान भवन और BSE केस | बांग्लादेश, कैलिफोर्निया और थाईलैंड के बदलते IP एड्रेस का उपयोग। |
| जून 2026 | BMC धमकी ईमेल | यूरोपीय संघ और अमेरिका के डिजिटल निशान मिले, जो केवल स्मोकस्क्रीन थे। |
| 2015-2021 | कनविक्शन रेट | साइबर क्राइम मामलों में सजा की दर 1.3% से गिरकर 0.12% रह गई। |
पुलिस को उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस ने मैसूर से जिस 47 वर्षीय व्यक्ति को 1,100 फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में पकड़ा है, वह मुंबई के मामलों में भी शामिल हो सकता है। पुलिस अब उससे जुड़े VPN और तकनीकी विवरणों की तुलना महाराष्ट्र के रिकॉर्ड से करेगी।