Maharashtra: मुंबई पुलिस ने अवैध विदेशियों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) मुहैया कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने एक स्पेशल इन्वेस
Maharashtra: मुंबई पुलिस ने अवैध विदेशियों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) मुहैया कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई BMC की एक आंतरिक रिपोर्ट के बाद हुई है, जिसमें जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई है।
SIT क्यों बनाई गई और कौन करेगा जांच?
मुंबई पुलिस की SIT का नेतृत्व जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) करेंगे। इस टीम में एडिशनल कमिश्नर (क्राइम), एडिशनल कमिश्नर (स्पेशल ब्रांच) और डिप्टी कमिश्नर (डिटेक्शन) समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। DCP क्राइम ब्रांच राज तिलक रौशन ने बताया कि मामला बहुत बड़ा है, इसलिए इसकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाएगी कि किन अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर अवैध विदेशियों को फर्जी पहचान दिलाई।
BMC की रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?
BMC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 से 2026 के बीच करीब 87,000 रिकॉर्ड्स में गलत तरीके से सुधार किए गए। अधिकारियों ने अनिवार्य CRS पोर्टल के बजाय पुराने SAP सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ। मेयर ऋतु तावड़े ने फरवरी 2026 में ही 237 फर्जी सर्टिफिकेट जब्त किए थे। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले के जरिए बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं को फर्जी भारतीय पहचान पत्र दिए गए।
अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
BMC के सतर्कता विभाग को पूरे शहर के जन्म और मृत्यु पंजीकरण का ऑडिट करने का काम सौंपा गया है। इस मामले में तीन मेडिकल ऑफिसर्स ऑफ हेल्थ (MOH) के सस्पेंशन की प्रक्रिया चल रही है और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। K-West, R-North और E वार्ड में MOH के तबादले भी किए जा रहे हैं क्योंकि यहां सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिली हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने फर्जी रिकॉर्ड्स की बात सामने आई है?
BMC की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच लगभग 87,000 जन्म और मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड्स में अनियमित सुधार किए गए थे।
इस घोटाले में किन लोगों को फायदा पहुँचाया गया?
आरोप है कि इस रैकेट के जरिए अवैध विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं को फर्जी भारतीय पहचान दिलाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट दिए गए।