Mumbai में प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस मांग रही Live Location, वकीलों ने बताया गैरकानूनी

Maharashtra: मुंबई में शिक्षा सुधारों को लेकर हो रहे Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस नए तरीके अपना रही है। पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि वे प्रदर्शनकारियों, खासकर युवाओं को डराने के

Maharashtra: मुंबई में शिक्षा सुधारों को लेकर हो रहे Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस नए तरीके अपना रही है। पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि वे प्रदर्शनकारियों, खासकर युवाओं को डराने के लिए उनसे WhatsApp पर लाइव लोकेशन मांग रहे हैं। इसके अलावा फोन कॉल और घर जाकर लोगों को चेतावनी दी जा रही है ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हों।

इस मामले में मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 37 और 135 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि यह सब एक ‘निवारक उपाय’ के तौर पर किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, युवाओं को इस तरह रोकना उनके भविष्य के लिए जरूरी है क्योंकि FIR होने से पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं में दिक्कत आ सकती है। वर्सोवा पुलिस की सीनियर इंस्पेक्टर दीपशिका वारे ने भी एक प्रदर्शनकारी से यह साबित करने के लिए लाइव लोकेशन मांगी थी कि वह घर पर ही है।

दूसरी तरफ, कानूनी जानकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की वकील लारा जेसानी ने इसे युवाओं को डराने और निगरानी रखने की कोशिश बताया है। वकील साम्या कोरडे और विक्रांत खारे का कहना है कि बिना हिरासत में लिए किसी व्यक्ति की लाइव लोकेशन मांगना उसकी निजी गोपनीयता (Privacy) और घूमने-फिरने की आजादी का उल्लंघन है।

कानून की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना था। हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) के तहत भाषण और शांतिपूर्ण सभा का अधिकार है, लेकिन पुलिस को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित प्रतिबंध लगाने की शक्ति भी प्राप्त है। BNSS की धारा 163 के तहत मजिस्ट्रेट शांति भंग होने की आशंका पर सभाओं पर रोक लगा सकते हैं। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ हुई WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं, लेकिन अभी तक इस डिजिटल निगरानी के खिलाफ कोई औपचारिक कोर्ट याचिका दायर नहीं हुई है।