Mumbai में मुहर्रम जुलूस में जहर मिलाने की साजिश नाकाम, पुणे का कारोबारी गिरफ्तार
Maharashtra/Mumbai : मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के जुलूस में जहर मिलाकर हजारों लोगों को मारने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पुणे के एक कारोबारी फैयाज प्रेमजी को गिरफ्तार किया है। आरोपी
Maharashtra/Mumbai : मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के जुलूस में जहर मिलाकर हजारों लोगों को मारने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पुणे के एक कारोबारी फैयाज प्रेमजी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह दर्द निवारक दवाओं के नाम पर जहरीले कैप्सूल बांटने वाला था।
यह घटना शुक्रवार, 27 जून 2026 को जेजे और भायखला इलाकों में निकली मुहर्रम की रैली के दौरान हुई। री रोड स्थित रहमतआबाद कब्रिस्तान के पास करीब 30,000 लोग जमा थे। इसी दौरान सलमान सय्यद नाम का एक व्यक्ति एक कैप्सूल खाने के बाद बीमार हो गया, जिससे अधिकारियों को शक हुआ। वहां मौजूद महिला वॉलंटियर्स ने भी कैप्सूल बांटने के अजीब तरीके को देखकर पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने तुरंत लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को अनजान कैप्सूल न खाने की चेतावनी दी।
डीसीपी (सेंट्रल रीजन, जोन 1) जयंत मीना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी, 39 साल का है और पुणे के विमान नगर में पेंट का बिजनेस करता है। वह बीबीए ग्रेजुएट है और पिछले 15 दिनों से मुंबई के डोंगरी इलाके में एक गेस्ट हाउस में रुककर इन कैप्सूल को तैयार कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से करीब 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि आरोपी ने 50 किलो जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने वाला जहर) और 30,000 खाली कैप्सूल मंगवाए थे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 110 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के विदेशी दौरों की जांच करने पर पता चला कि 2019 से 2025 के बीच वह 19 बार ईरान और इराक गया था और उसका परिवार भी फिलहाल ईरान में रहता है। अब केंद्रीय और राज्य एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इस साजिश के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या आतंकी एंगल तो नहीं है। आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।