Maharashtra : मुंबई की एक पुलिस कॉन्स्टेबल साइबर अपराधियों का शिकार हो गईं, जिससे उन्हें 12.5 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ। यह घटना तब हुई जब उन्होंने व्हाट्सएप पर आए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया। इस एक गलती की वजह स
Maharashtra : मुंबई की एक पुलिस कॉन्स्टेबल साइबर अपराधियों का शिकार हो गईं, जिससे उन्हें 12.5 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ। यह घटना तब हुई जब उन्होंने व्हाट्सएप पर आए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया। इस एक गलती की वजह से उनका फोन हैक हो गया और उनके नाम पर फर्जी लोन ले लिया गया।
कैसे हुआ यह पूरा साइबर फ्रॉड
यह मामला 18 जनवरी 2026 का है, जब विक्रोली पुलिस स्टेशन में तैनात महिला कॉन्स्टेबल ने एक स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप में आए APK लिंक पर क्लिक किया। यह लिंक ट्रैफिक ई-चालान से जुड़ा बताया गया था। लिंक क्लिक करते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और उनका रजिस्टर्ड नंबर बंद हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उनके नाम पर ऑनलाइन 12.5 लाख रुपये का पर्सनल लोन ले लिया और उसे तुरंत ‘Uttam Patra’ नाम के व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया।
धोखाधड़ी का पता कब और कैसे चला
पीड़ित महिला को इस फ्रॉड का पता काफी समय बाद चला। फरवरी से अप्रैल के बीच उनके खाते से कुल 78,590 रुपये की EMI कटी। अंत में 9 अप्रैल 2026 को जब उनके सैलरी अकाउंट से 27,832 रुपये की एक और EMI कटी, तब उन्हें शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि उनके नाम पर एक बड़ा लोन चल रहा है, जिसकी जानकारी उन्हें पहले नहीं थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
| विवरण |
जानकारी |
| FIR दर्ज करने वाली पुलिस |
Vikhroli Police |
| लागू कानून |
IT Act और धोखाधड़ी की धाराएं |
| जांच एजेंसियां |
विक्रोली पुलिस और साइबर सेल |
| मुख्य संदिग्ध खाता |
Uttam Patra (प्राइवेट बैंक) |
Vikhroli Police ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को साथ मिलकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब उन बैंक खातों को ट्रैक कर रही है जिनमें लोन की रकम भेजी गई थी ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।