Mumbai में WhatsApp के जरिए कोड में बात कर चोरी करने वाले ‘धक्का गैंग’ का पर्दाफाश, 135 महंगे फोन बरामद
Maharashtra: मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों की जेब काटने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करता था। इस गिरोह को ‘धक्का गैंग’ के नाम से जाना जाता है। ये लोग चोरी की प्लानिंग के लिए नहीं, बल्कि पुलि
Maharashtra: मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों की जेब काटने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करता था। इस गिरोह को ‘धक्का गैंग’ के नाम से जाना जाता है। ये लोग चोरी की प्लानिंग के लिए नहीं, बल्कि पुलिस की मौजूदगी और अपनी सुरक्षा चेक करने के लिए WhatsApp पर गुप्त कोड का इस्तेमाल करते थे।
मुंबई की MIDC पुलिस ने इस गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि गैंग के लीडर हर दिन सदस्यों को WhatsApp पर एक बदलता हुआ कोड भेजता था। इससे यह पता चलता था कि आगे का काम करना सुरक्षित है या नहीं। जब पुलिस ने दो सदस्यों को पकड़ा, तो गैंग के बाकी लोग अंधेरी छोड़कर नवी मुंबई के जुइनगर इलाके में शिफ्ट हो गए थे।
DCP (वेस्ट जोन 3) Datta Nalawade ने बताया कि इन कोड मैसेज का मकसद यह जानना था कि कहीं कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में तो नहीं आ गया है। इस मामले की जांच सीनियर इंस्पेक्टर घनश्याम नायर, इंस्पेक्टर सुनील करंडे और SI किरण नवल की टीम ने की। पुलिस ने इनके पास से 135 हाई-एंड फोन बरामद किए हैं, जिनमें से हर एक की कीमत 90 हजार रुपये से 1.5 लाख रुपये के बीच थी।
हैरानी की बात यह है कि ये चोर iPhone चोरी करने से बचते थे। वजह यह थी कि iPhone को अनलॉक करना मुश्किल होता है और बांग्लादेश व नेपाल जैसे बाजारों में उनकी रीसेल वैल्यू कम मिलती है। पूर्व पुलिस कमिश्नर D Sivanandhan ने बताया कि 90 के दशक में भी गैंग अपनी खास भाषा का इस्तेमाल करते थे, जबकि 2022 तक कुछ गैंग मोबाइल के बजाय आंखों के इशारों से तालमेल बिठाते थे। पहले के समय में ये गैंग बगीचों, रेलवे स्टेशनों और छोटे होटलों में मिलते थे, लेकिन अब यह काम डिजिटल हो गया है।