Mumbai में साइबर क्राइम गिरोह का भंडाफोड़, 7.42 करोड़ रुपये के लेनदेन के लिए इस्तेमाल हुए फर्जी बैंक अकाउंट, 2 गिरफ्तार

Maharashtra: मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब 7.42 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ठगी के पैसों को घुमान

Maharashtra: मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब 7.42 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ठगी के पैसों को घुमाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ यानी किराए के बैंक खाते मुहैया कराते थे।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब फरवरी 2026 में खार पुलिस स्टेशन में एक एयरलाइन ग्राउंड स्टाफ ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को Telegram पर संपर्क किया गया था और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया गया, जिसके बाद उससे 4.07 लाख रुपये ठग लिए गए।

पुलिस की जांच में पता चला कि ठगों ने पैसों के लेनदेन के लिए कई फर्जी खाते इस्तेमाल किए। DCP मोहित कुमार गर्ग की देखरेख में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 22 बैंक खाते पकड़े हैं। इनमें से 13 खाते अविनाश बाबासाहब खरात और 9 खाते विकास गजानन भुजबल के नाम पर थे।

इन खातों का इस्तेमाल देशभर में हुए 42 अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया था। पुलिस ने पाया कि आरोपी अपने और दूसरों के नाम पर बैंक खाते खोलते थे और फिर उन्हें साइबर अपराधियों को दे देते थे ताकि चोरी का पैसा आसानी से इधर-उधर भेजा जा सके।

विवरण जानकारी
कुल ठगी की राशि ₹7,42,28,409
कुल म्यूल अकाउंट 22
कुल फ्रॉड केस 42
गिरफ्तार आरोपी अविनाश खरात और विकास भुजबल
लागू धाराएं BNS की धारा 318(4), IT एक्ट की धारा 66(c) और 66(d)

इस जांच में भारत सरकार की साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और साइबर कोऑर्डिनेशन पोर्टल से मिले डेटा और तकनीकी विश्लेषण ने बड़ी भूमिका निभाई। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन पैसों का असली फायदा उठाया।