Maharashtra: मुंबई की ओशिवारा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मानव तस्करी (Trafficking) के एक पुराने मामले में फरार चल रहे 49 साल के राजेंद्र शिंदे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 22 सालों से पुलिस की
Maharashtra: मुंबई की ओशिवारा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मानव तस्करी (Trafficking) के एक पुराने मामले में फरार चल रहे 49 साल के राजेंद्र शिंदे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 22 सालों से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कानून से बच रहा था।
राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी कैसे हुई?
राजेंद्र शिंदे को मुंबई के Vile Parle इलाके से पकड़ा गया। यह जगह उस ओशिवारा इलाके से करीब 9 किलोमीटर दूर है जहां मूल मामला दर्ज हुआ था। इस पूरी कार्रवाई की देखरेख सीनियर इंस्पेक्टर Sanjay Chavan और DCP Mohit Garg ने की। गिरफ्तारी के बाद 3 जून 2026 को उसे मझगांव की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
22 साल तक पुलिस से कैसे बचा रहा था आरोपी?
पुलिस के लिए शिंदे को ढूंढना काफी मुश्किल था क्योंकि उसने कई बार अपना ठिकाना बदला। उसने 2005 में अपना घर बेच दिया था और अपने गांव चला गया था। साल 2012-13 के आसपास वह जिस झुग्गी-बस्ती में रहता था, उसे तोड़ दिया गया था, जिससे उसका सुराग मिलना और कठिन हो गया। काफी खोजबीन के बाद पुलिस उसे विले पार्ले में ट्रैक करने में सफल रही।
क्या था पूरा मामला और कानूनी कार्रवाई?
यह मामला साल 2004 का है और यह ‘Prevention of Immoral Traffic Act’ के तहत दर्ज था। कोर्ट की सुनवाइयों में शामिल न होने की वजह से Sewri सेशन्स कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके साथ ही मझगांव कोर्ट ने भी उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी कर रखा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राजेंद्र शिंदे को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
राजेंद्र शिंदे को साल 2004 के एक मानव तस्करी (Trafficking) मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो Prevention of Immoral Traffic Act के तहत आता है।
आरोपी को पकड़ने में पुलिस को इतनी देरी क्यों हुई?
आरोपी ने 2005 में घर बेच दिया था और 2012-13 में उसकी बस्ती टूट गई थी, जिससे वह पुलिस की नजरों से ओझल होकर अलग-अलग जगहों पर रहा।