Mumbai Police ने INOX साइबर फ्रॉड केस में 6 लोगों को पकड़ा, 5 करोड़ रुपये फ्रीज

Maharashtra: मुंबई पुलिस ने INOX ग्रुप के नाम पर हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ठगी गई रकम में से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा फ्रीज कर दिए हैं। यह प

Maharashtra: मुंबई पुलिस ने INOX ग्रुप के नाम पर हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ठगी गई रकम में से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा फ्रीज कर दिए हैं। यह पूरा मामला व्हाट्सएप मैसेज के जरिए शुरू हुआ था जिसमें कंपनी के एक बड़े अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी।

पुलिस के मुताबिक यह धोखाधड़ी 3 जून से 15 जून 2026 के बीच हुई। फ्रॉड करने वालों ने INOX ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन बनकर कंपनी के एक सीनियर अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव को मैसेज भेजे। झांसे में आकर उस कर्मचारी ने कंपनी के बैंक खाते से 63 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 10.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस घटना की शिकायत 16 जून को दर्ज कराई गई थी।

DCP (साइबर) बजरंग बंसोडे ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में म्युल अकाउंट होल्डर्स और वे लोग शामिल हैं जिन्होंने पैसों को छिपाने के लिए गहने खरीदे थे। गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में से 3 दिल्ली, 2 बिहार और 1 महाराष्ट्र के जालना जिले का रहने वाला है। इनमें 22 साल के विकास उपेन्द्र बिंद भी शामिल है। जांच में पता चला कि ठगी के पैसों से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा गया था।

इस पूरी कार्रवाई में मुंबई पुलिस के साउथ साइबर पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम किया। सीनियर इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाले ने इस जांच की कमान संभाली। पुलिस ने इस केस को भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया है।

पैसों की रिकवरी को आसान बनाने के लिए मुंबई पुलिस ने 12 जून 2026 को मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) जैसे डिजिटल पोर्टल भी शुरू किए हैं। इसके लिए 14 जून को पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग भी कराई गई थी ताकि फ्रीज किए गए खातों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा जल्दी हो सके।