Maharashtra : मुंबई की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने नाबालिग लड़के के साथ यौन शोषण करने वाले 35 साल के एक व्यक्ति को दोषी पाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना मुंबई में एक त्
Maharashtra : मुंबई की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने नाबालिग लड़के के साथ यौन शोषण करने वाले 35 साल के एक व्यक्ति को दोषी पाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना मुंबई में एक त्योहार के दौरान हुई थी।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और कानून क्या कहता है?
अदालत ने POCSO एक्ट के तहत आरोपी को 20 साल की सख्त सजा दी है। POCSO एक्ट 2012 बच्चों को यौन शोषण और उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाया गया है। इस कानून के 2019 के संशोधन के बाद सजा और सख्त कर दी गई है। 16 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यौन शोषण के मामले में कम से कम 20 साल की जेल या उम्रकैद की सजा का प्रावधान है।
POCSO एक्ट की मुख्य बातें क्या हैं?
यह कानून पूरी तरह से जेंडर न्यूट्रल है, जिसका मतलब है कि यह लड़का और लड़की दोनों बच्चों पर समान रूप से लागू होता है। इस एक्ट के तहत बच्चों के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए गए हैं। यह कानून बच्चों को यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी को कितनी सजा मिली है?
मुंबई की स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 साल के आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
POCSO एक्ट क्या है?
यह 2012 का एक भारतीय कानून है जो बच्चों को यौन अपराधों से बचाने और अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए बनाया गया है।