Maharashtra: मुंबई में प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों (PAP) के पुनर्वास में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। शिव सेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में 100 करोड़ रुपये का भ्
Maharashtra: मुंबई में प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों (PAP) के पुनर्वास में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। शिव सेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में 100 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि हकदार लोगों के बजाय फर्जी लाभार्थियों को घर बांटे गए हैं।
घोटाले में किन लोगों और संस्थाओं के नाम आए
Sanjay Raut ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई उपनगर के संयुक्त संरक्षक मंत्री Mangal Prabhat Lodha के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी लोगों को घर दिए गए। इस पूरे मामले में BMC, SRA, MMRDA और MHADA जैसी संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठे हैं। साथ ही ‘सकल हिंदू समाज’ नाम के संगठन पर इस घोटाले में दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया है।
मुंबई में PAP घरों की मौजूदा स्थिति क्या है
मुंबई में इस समय PAP घरों की भारी कमी है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 75,000 घरों की जरूरत है, लेकिन केवल 8,000 घर ही उपलब्ध हैं। इस कमी की वजह से बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स में दिक्कत आ रही है। इससे पहले 17 मार्च 2026 को सरकार ने एक बड़े ऑडिट का आदेश दिया था, क्योंकि आरोप था कि डेवलपर्स ने PAP के लिए बने फ्लैट्स को खुले बाजार में बेच दिया।
मुआवजे के लिए क्या है नई पॉलिसी
MMRDA ने 3 अप्रैल 2025 को एक नई वित्तीय मुआवजा नीति मंजूर की थी। इस नई पॉलिसी के तहत, प्रभावित लोगों को घर देने के बजाय सीधे नकद पैसा दिया जा सकता है। यह पैसा रेडी रेकनर रेट और BMC की 2023 की गाइडलाइन्स के आधार पर तय किया जाएगा। इसका मकसद लगभग 6,300 प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय राउत ने 100 करोड़ के घोटाले का आरोप किस आधार पर लगाया है
सांसद संजय राउत का आरोप है कि मंत्रियों के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल करके PAP रिहैबिलिटेशन के तहत मिलने वाले घरों को फर्जी लाभार्थियों को बांटा गया है।
मुंबई में PAP घरों की कितनी कमी है
मुंबई में करीब 75,000 PAP घरों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 8,000 घर ही उपलब्ध हैं, जिससे पुनर्वास में बड़ी समस्या आ रही है।