Mumbai की पगड़ी इमारतों को लेकर बड़ा विवाद, विपक्षी दलों ने MHADA को सक्षम अथॉरिटी बनाने की उठाई मांग

Maharashtra: मुंबई की पुरानी पगड़ी इमारतों में रहने वाले करीब चार लाख परिवारों की जिंदगी खतरे में है। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्षी दलों ने मांग की है कि MHADA को इन इमारतों को जर्जर और खतरनाक घोषित करने वाली सक्षम

Maharashtra: मुंबई की पुरानी पगड़ी इमारतों में रहने वाले करीब चार लाख परिवारों की जिंदगी खतरे में है। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्षी दलों ने मांग की है कि MHADA को इन इमारतों को जर्जर और खतरनाक घोषित करने वाली सक्षम अथॉरिटी (Competent Authority) बनाया जाए। मंगलवार को एक कॉलिंग अटेंशन मोशन के जरिए यह मुद्दा उठाया गया, ताकि लोगों को बेघर होने से बचाया जा सके।

इस मामले पर सरकार की तरफ से मंत्री शंभूराजे देसाई ने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में एडवोकेट जनरल की राय लेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा सत्र खत्म होने से पहले कानून, न्यायपालिका और MHADA के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की जाएगी। फिलहाल यह पूरा मामला कानूनी उलझनों में फंसा हुआ है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अप्रैल 2025 में कहा था कि MHADA या मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB) के पास पुनर्विकास नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है। MHADA ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और 20 जुलाई 2026 को इस पर सुनवाई होनी है।

पगड़ी सिस्टम की समस्याओं को सुलझाने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिसंबर 2025 में एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पेश किया था। इसके तहत किराएदारों को उनके वर्तमान कब्जे के बराबर FSI मिलेगा और मकान मालिकों को उनकी जमीन के हिसाब से FSI दिया जाएगा। साथ ही, किराएदारों और मकान मालिकों के बीच चल रहे करीब 28,000 पुराने विवादों को तीन साल के भीतर सुलझाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है।

हाउसिंग मिनिस्टर अतुल सावे ने संकेत दिए हैं कि महाराष्ट्र में मॉडल टेनेंसी एक्ट लाया जाएगा, जिसमें पगड़ी सिस्टम के लोगों के हितों का ख्याल रखा जाएगा। सरकार इन इमारतों को RERA के दायरे में लाने पर भी विचार कर रही है। मई 2025 में MHADA ने 13,091 जर्जर इमारतों के मालिकों और निवासियों से पुनर्विकास के लिए अपील की थी। नियमों के मुताबिक, अगर कोई सक्षम अथॉरिटी इमारत को जर्जर घोषित करती है, तो सोसाइटी पुनर्विकास का फैसला ले सकती है, जिसमें किराएदारों को 300 से 1,292 वर्ग फुट तक का नया फ्लैट मुफ्त मिल सकता है।