दांतों को चुपचाप खराब करती हैं ये 5 आदतें, Mumbai के डॉक्टर ने बताया बचने का तरीका
Maharashtra: अक्सर लोग सोचते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करना ही दांतों की सेहत के लिए काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी कुछ छोटी-छोटी रोज की आदतें धीरे-धीरे दांतों को अंदर से खोखला और कमजोर कर देती हैं। मुंबई के मशहूर ऑर
Maharashtra: अक्सर लोग सोचते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करना ही दांतों की सेहत के लिए काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी कुछ छोटी-छोटी रोज की आदतें धीरे-धीरे दांतों को अंदर से खोखला और कमजोर कर देती हैं। मुंबई के मशहूर ऑर्थोडोंटिस्ट Dr Jaineel Parekh ने ऐसी ही 5 आदतों के बारे में बताया है जिनसे आपको सावधान रहना चाहिए।
Dr Jaineel Parekh, जो Mumbai के Laxmi Dental Limited में ऑर्थोडोंटिस्ट हैं, उनका कहना है कि दांतों की मजबूती सिर्फ ब्रश या फ्लॉस करने से नहीं, बल्कि हमारी रोज की पसंद से तय होती है। उन्होंने बताया कि कुछ आदतें ऐसी होती हैं जिनसे तुरंत दर्द तो नहीं होता, लेकिन समय के साथ ये दांतों की ऊपरी परत (Enamel) को घिस देती हैं और सेंसिटिविटी या कैविटी जैसी समस्याएं पैदा करती हैं।
डॉक्टर ने उन 5 आदतों की लिस्ट साझा की है जो दांतों को नुकसान पहुंचाती हैं:
- मीठे और एसिड वाले ड्रिंक्स: सोडा, एनर्जी ड्रिंक्स, फलों का जूस या फ्लेवर्ड कॉफी को धीरे-धीरे सिप करके पीना दांतों के लिए बुरा है। इससे दांतों का इनेमल कमजोर होता है और बैक्टीरिया पनपते हैं।
- जोर से ब्रश करना: बहुत ज्यादा प्रेशर के साथ ब्रश करने से मसूड़े नीचे खिसकने लगते हैं और दांतों की सुरक्षा परत घिस जाती है, जिससे झनझनाहट शुरू हो जाती है।
- बार-बार स्नैकिंग: दिन भर थोड़ा-थोड़ा कुछ भी खाते रहने से दांतों पर खाने के कण और शुगर जमा रहते हैं, जिससे कैविटी का खतरा बढ़ जाता है।
- गैर-खाद्य चीजें चबाना: नाखून चबाना, पेन के कैप, पेंसिल या बर्फ के टुकड़ों को दांतों से तोड़ना खतरनाक है। इससे दांतों में छोटे क्रैक आ सकते हैं या दांत टूट सकते हैं।
- मुंह का सूखना (Dry Mouth): पानी कम पीना, ज्यादा कैफीन लेना या धूम्रपान करने से लार कम बनती है। लार दांतों की सफाई में मदद करती है, इसकी कमी से सांसों में बदबू और मसूड़ों की बीमारी हो सकती है।
Dr Parekh के मुताबिक, इन छोटी बातों का ध्यान रखकर और शरीर में पानी की कमी न होने देकर हम अपनी मुस्कान को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।