Mumbai में दो दिनों में हुए दो अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन, 2026 में अब तक 35 अंगदान हुए
Maharashtra: मुंबई में अंगदान की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। पिछले दो दिनों में हुए दो अंगदानों की वजह से छह लोगों की जान बचाई जा सकी। यह अंगदान 29 और 30 जून 2026 को हुए, जिससे शहर में इस साल होने वाले मृत अंगदाताओं क
Maharashtra: मुंबई में अंगदान की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। पिछले दो दिनों में हुए दो अंगदानों की वजह से छह लोगों की जान बचाई जा सकी। यह अंगदान 29 और 30 जून 2026 को हुए, जिससे शहर में इस साल होने वाले मृत अंगदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
इनमें से पहला अंगदान 29 जून को Wockhardt Hospital में हुआ था। Zonal Transplant Coordination Centre (ZTCC), मुंबई ने इन आंकड़ों की जानकारी साझा की है। ZTCC के जनरल सेक्रेटरी डॉ. भरत शाह ने बताया कि शहर में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन अभी भी चुनौती बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें जरूरी अंगों का इंतजार है और अंग न मिलने की वजह से कई लोगों की मौत हो जाती है।
मुंबई में अंग प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की स्थिति काफी गंभीर है। ZTCC के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 21,610 मरीज रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें से 5,073 मरीज फिलहाल एक्टिव वेटिंग लिस्ट में हैं।
| अंग का नाम | इंतजार कर रहे मरीजों की संख्या |
|---|---|
| किडनी (Kidney) | 4,082 |
| लिवर (Liver) | 872 |
| दिल (Heart) | 62 |
भारत में अंगदान का काम Transplantation of Human Organs and Tissues Act (THOTA), 1994 और 2014 के नियमों के तहत होता है। कानून के मुताबिक ब्रेन डेथ का फैसला चार डॉक्टरों का पैनल करता है और अंग निकालने के लिए परिवार की सहमति जरूरी होती है। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक 17 साल के लड़के को अपने पिता को लिवर दान करने की इजाजत दी थी, जो खास मेडिकल हालातों में संभव है। देश भर में अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग अंगदान का संकल्प ले चुके हैं।