Maharashtra: मुंबई की मशहूर Nutritionist Sanya Wadhera ने भारतीयों के खान-पान की आदतों पर एक जरूरी बात कही है। उन्होंने बताया कि आज के दौर में हमारे पास खाने की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम अभी भी उन्हीं पुराने नियमों से चल
Maharashtra: मुंबई की मशहूर Nutritionist Sanya Wadhera ने भारतीयों के खान-पान की आदतों पर एक जरूरी बात कही है। उन्होंने बताया कि आज के दौर में हमारे पास खाने की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम अभी भी उन्हीं पुराने नियमों से चल रहे हैं जो अभाव के समय में बनाए गए थे। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे हम 2026 के शरीर में 1980 का ऑपरेटिंग सिस्टम चला रहे हों।
पुरानी आदतें जो आज नुकसान दे रही हैं
Sanya Wadhera के अनुसार, बचपन में सिखाए गए कुछ नियम अब हमारी सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। इनमें सबसे मुख्य बातें ये हैं:
- थाली में रखे सारे खाने को खत्म करना ताकि खाना बर्बाद न हो।
- भोजन को ताकत से जोड़कर देखना।
- बचपन में खाने के मामले में खुद फैसला न ले पाना, जिसका असर बड़े होने पर भी पड़ता है।
- खाने की बर्बादी का डर दिखाकर जबरदस्ती खिलाना।
आज के समय में बदलाव की जरूरत क्यों है
पहले के समय में भोजन की कमी होती थी, इसलिए हर दाना खत्म करने पर जोर दिया जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और हमारे पास खाने के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। आज की अधिकता वाले दौर में हमें अपनी भूख और शरीर की जरूरत को समझना जरूरी है। पुराने नियमों को पकड़कर रखने से हमारी नेचुरल ईटिंग हैबिट्स खराब हो रही हैं।