Maharashtra: मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली नर्स ऑनलाइन शॉपिंग के चक्कर में एक बड़े स्कैम का शिकार हो गई। फेसबुक पर महज 299 रुपये की ड्रेस का विज्ञापन देखकर उन्होंने ऑर्डर किया था, लेकिन धीरे-धीरे जाल ऐसा
Maharashtra: मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली नर्स ऑनलाइन शॉपिंग के चक्कर में एक बड़े स्कैम का शिकार हो गई। फेसबुक पर महज 299 रुपये की ड्रेस का विज्ञापन देखकर उन्होंने ऑर्डर किया था, लेकिन धीरे-धीरे जाल ऐसा बुना गया कि उनसे 1 लाख रुपये ठग लिए गए। यह पूरी घटना 16 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 के बीच हुई, जिसकी शिकायत अब पुलिस में दर्ज कराई गई है।
कैसे हुआ यह फ्रॉड और ठगों ने क्या बहाने बनाए
पीड़ित महिला ने Facebook Reels पर एक सस्ता ड्रेस का विज्ञापन देखा था। इसके बाद बातचीत WhatsApp पर शिफ्ट हुई। ठगों ने ड्रेस भेजने के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगे। उन्होंने शिपिंग चार्ज, GPS चार्ज, ट्रैकिंग फीस, वेरिफिकेशन कोड और एड्रेस कन्फर्मेशन जैसे कई नाम बताकर नर्स से पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह 5 दिनों के भीतर महिला से कुल 1 लाख रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का अपडेट
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद Deonar पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उस Facebook विज्ञापन, WhatsApp नंबर और फर्जी डिलीवरी एजेंट की जांच कर रही है जिसने इस साजिश को अंजाम दिया। पीड़ित नर्स ने इस धोखाधड़ी की जानकारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर भी दी है।
आम जनता के लिए पुलिस की चेतावनी
Deonar पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले बहुत सस्ते ऑफर्स और लुभावने विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर एडवांस पैसे या अलग-अलग चार्ज न दें। अगर कोई आपसे वेरिफिकेशन या ट्रैकिंग के नाम पर पैसे मांगे, तो वह फ्रॉड हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नर्स से ठगी किस प्लेटफॉर्म के जरिए की गई
यह स्कैम Facebook Reels के एक विज्ञापन से शुरू हुआ और आगे की सारी बातचीत WhatsApp के जरिए की गई।
ठगों ने पैसे किस नाम पर मांगे
ठगों ने शिपिंग, GPS चार्ज, ट्रैकिंग फीस और एड्रेस वेरिफिकेशन जैसे बहाने बनाकर पैसे लिए।