Maharashtra : मुंबई के लिए एक राहत भरी खबर आई है। शहर में साल 2025-26 के दौरान अबॉर्शन (गर्भपात) से जुड़ी एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है। यह जानकारी एक RTI आवेदन के जवाब में सामने आई है। पिछले साल की तरह इस बार भी मुंबई ने
Maharashtra : मुंबई के लिए एक राहत भरी खबर आई है। शहर में साल 2025-26 के दौरान अबॉर्शन (गर्भपात) से जुड़ी एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है। यह जानकारी एक RTI आवेदन के जवाब में सामने आई है। पिछले साल की तरह इस बार भी मुंबई ने शून्य मृत्यु दर बनाए रखी है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की ओर इशारा करता है।
मुंबई में अबॉर्शन से जुड़ी मौतों में कितनी कमी आई
आंकड़ों की बात करें तो साल 2017-18 में अबॉर्शन से जुड़ी 19 मौतें दर्ज हुई थीं, जबकि 2025-26 में यह संख्या शून्य रही। साल 2023-24 में भी दो मौतें हुई थीं। इस दौरान मुंबई में 20,000 से ज्यादा अबॉर्शन प्रोसीजर किए गए। BMC के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में मातृ मृत्यु दर और गर्भपात से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है और अब यह संख्या सिंगल डिजिट में आ गई है।
अबॉर्शन के बढ़ते मामलों और नियमों का क्या है सच
रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में हुए अबॉर्शन में से 92% मामले गर्भनिरोधक तरीकों के गलत इस्तेमाल या उनके फेल होने की वजह से थे। हालांकि, मुंबई में अबॉर्शन की कुल संख्या 2017-18 के 35,000 से घटकर 20,552 रह गई है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर यह संख्या बढ़ी है। भारत में मेडिकल टर्मिनेशन की संख्या 2020-21 के 5.34 लाख से बढ़कर 2024-25 में 8.93 लाख हो गई है। महाराष्ट्र में पिछले साल 2 लाख 7 हजार से ज्यादा प्रोसीजर हुए।
कानून और डॉक्टरों की क्या है राय
MTP एक्ट के तहत 20 हफ्ते तक एक डॉक्टर की सलाह पर और विशेष मामलों में 24 हफ्ते तक दो डॉक्टरों की मंजूरी से अबॉर्शन कराया जा सकता है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी अविवाहित महिलाओं के लिए 24 हफ्ते तक अबॉर्शन के अधिकार और उनकी प्राइवेसी को बरकरार रखा है। हालांकि, कुछ डॉक्टरों का कहना है कि डेटा कलेक्शन में सुधार की जरूरत है क्योंकि BMC सिर्फ रजिस्टर्ड सेंटर्स का डेटा लेता है, जबकि प्राइवेट क्लीनिक में दी जाने वाली गर्भपात गोलियों का हिसाब नहीं मिल पाता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MTP एक्ट के तहत अबॉर्शन की समय सीमा क्या है?
MTP एक्ट के अनुसार, सामान्य तौर पर 20 हफ्ते तक एक डॉक्टर की राय से अबॉर्शन संभव है। बलात्कार सर्वाइवर्स, नाबालिगों और दिव्यांग महिलाओं जैसी विशेष श्रेणियों के लिए यह सीमा 24 हफ्ते तक है, जिसमें दो डॉक्टरों की मंजूरी जरूरी होती है।
मुंबई में अबॉर्शन की संख्या में कितनी गिरावट आई है?
मुंबई में अबॉर्शन की कुल संख्या में 41% की गिरावट देखी गई है। यह साल 2017-18 में 35,000 से अधिक थी, जो 2025-26 में घटकर 20,552 रह गई है।