Maharashtra: मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने 132 कंटेनरों से करीब 139 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया है। इस मामले मे
Maharashtra: मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने 132 कंटेनरों से करीब 139 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया है। इस मामले में Importing firm के मालिक को 19 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई पकड़?
तस्करी करने वालों ने कागजों में इस सामान को ‘तूर दाल’ (Pigeon Peas) बताकर मंगवाया था ताकि कस्टम नियमों से बचा जा सके। लेकिन जब DRI ने इसकी गहराई से जांच की, तो पता चला कि इसमें तरबूज के बीज और हरी मटर थी। यह सामान तंजानिया, सूडान और कनाडा से भारत लाया गया था।
जब्त किए गए सामान की पूरी जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| कुल कंटेनर |
132 |
| कुल वजन |
3,029 मीट्रिक टन |
| कुल अनुमानित कीमत |
139 करोड़ रुपये |
| तरबूज के बीज (Tanzania/Sudan) |
2,710 मीट्रिक टन |
| हरी मटर (Canada) |
319 मीट्रिक टन |
| गलत घोषणा (Misdeclaration) |
तूर दाल के रूप में दिखाया गया |
भारत में इन चीजों के आयात पर पाबंदी क्यों है?
भारत सरकार ने घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए कुछ नियमों को सख्त किया है। जून 2024 से तरबूज के बीजों के आयात पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं हरी मटर के लिए Minimum Import Price (MIP) 200 रुपये प्रति किलो तय है और इसे सिर्फ कोलकाता पोर्ट के जरिए ही मंगाने की अनुमति है। DRI का कहना है कि इन नियमों को तोड़कर सस्ते आयात के जरिए बाजार खराब करने की कोशिश की गई थी।