Mumbai में फुटबॉल ग्राउंड की जगह बनेगा कन्वेंशन सेंटर, BMC के फैसले पर मचा बवाल

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में स्थित नेविल डी सूजा फुटबॉल ग्राउंड अब खत्म हो सकता है। BMC ने इस मैदान को हटाकर वहां एक कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बा

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में स्थित नेविल डी सूजा फुटबॉल ग्राउंड अब खत्म हो सकता है। BMC ने इस मैदान को हटाकर वहां एक कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद शहर में विवाद शुरू हो गया है और विपक्षी नेता इसे आम जनता के खुले मैदानों को छीनने की कोशिश बता रहे हैं।

बीएमसी की इम्प्रूवमेंट कमेटी ने 25 जून 2026 को डेवलपमेंट प्लान (DP) 2034 में बदलाव करने की मंजूरी दी। अब इस जमीन का दर्जा ‘स्पोर्ट्स ग्राउंड’ से बदलकर ‘एग्जीबिशन सेंटर’ किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट, 1966 की धारा 37(1) के तहत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन पहले से ही MHADA द्वारा कन्वेंशन सेंटर के लिए रिजर्व थी और DP 2034 में गलती से इसे खेल मैदान में डाल दिया गया था।

इस फैसले का भारी विरोध हो रहा है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि इससे युवा खिलाड़ियों के पास खेलने की जगह नहीं बचेगी और इसका फायदा सिर्फ बिल्डरों और ठेकेदारों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे इलाके में ट्रैफिक की समस्या बढ़ेगी। वहीं, कॉर्पोरेटर विशाखा राउत ने इस मैदान की तुलना क्रिकेट के लिए शिवाजी पार्क से की और कहा कि यहाँ से कई नेशनल और इंटरनेशनल फुटबॉलर निकले हैं।

वाचडॉग फाउंडेशन के एडवोकेट गॉडफ्रे पिमेंटा और पर्यावरण कार्यकर्ता जोरू भाटेना ने भी इस कदम की आलोचना की है। उनका कहना है कि मुंबई को कन्वेंशन सेंटर से ज्यादा पार्कों और खेल के मैदानों की जरूरत है। दूसरी तरफ, बीजेपी कॉर्पोरेटर स्वप्ना म्हात्रे ने इस फैसले का समर्थन किया है और कहा कि यह केवल पुराने रिजर्वेशन को लागू करने का मामला है।

अब बीएमसी इस प्रस्ताव पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगेगी। लोगों की सुनवाई के बाद इस फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य के शहरी विकास विभाग के पास भेजा जाएगा।