Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO एग्जीबिशन सेंटर में हुए ड्रग ओवरडोज मामले में पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ताजा गिरफ्तारी 22 साल के विनीत गेरेलाणी की हुई है, जिसके बाद पुलिस को शहर के बड़े म्य
Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO एग्जीबिशन सेंटर में हुए ड्रग ओवरडोज मामले में पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ताजा गिरफ्तारी 22 साल के विनीत गेरेलाणी की हुई है, जिसके बाद पुलिस को शहर के बड़े म्यूजिक इवेंट्स में चल रहे एक संगठित ड्रग नेटवर्क की जानकारी मिली है। इस मामले में दो छात्रों की मौत हो चुकी है और एक छात्रा अस्पताल में भर्ती है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है उनका रोल?
पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग भूमिकाओं वाले सात लोगों को पकड़ा है। इनमें छात्र, इवेंट ऑर्गेनाइजर और NESCO के कर्मचारी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों की जानकारी नीचे दी गई है:
| नाम |
भूमिका/आरोप |
| Vineet Gerelani |
मुख्य बिचौलिया, जिसने Ecstasy पिल्स सप्लाई की |
| Anand Patel |
बिल्डर, जिसने छात्रों के बीच ड्रग्स बांटे |
| Pratik Pandey |
छात्र और ऑर्गेनाइजर, ड्रग्स की सप्लाई और वितरण संभाला |
| Raunak Khandelwal |
JBIMS छात्र, जिसने मृतक छात्रों को ड्रग्स दिए |
| Balkrishna Kurup |
NESCO एग्जीबिशन सेंटर के वाइस प्रेसिडेंट |
| Sunny Vinod Jain |
NESCO इवेंट मैनेजमेंट कर्मचारी |
| Akash Banmari Samal |
Inspiring Tie Production का कर्मचारी |
जांच में क्या बड़े खुलासे हुए हैं?
वनराई पुलिस स्टेशन की जांच में सामने आया है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक बड़ा नेटवर्क है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से WhatsApp, Snapchat और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले हैं। आरोपी प्रतीक पांडे ने कबूल किया कि इसी वेन्यू पर पहले भी ऐसे ड्रग्स वाले इवेंट्स हुए थे। पुलिस अब उन डिलीट किए गए चैट्स को रिकवर कर रही है जिनसे मुख्य सप्लायर आयुष साहित्य और शुभ अग्रवाल का पता चल सके।
कोर्ट की कार्रवाई और NESCO का क्या कहना है?
बोरीवली कोर्ट ने सात आरोपियों की पुलिस कस्टडी 18 अप्रैल तक बढ़ा दी है। वहीं, NESCO ने एक आधिकारिक बयान जारी कर किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। कंपनी ने कहा कि उनके यहां अवैध पदार्थों पर सख्त पाबंदी है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। पुलिस ने अब तक 17 छात्रों के बयान दर्ज किए हैं ताकि इस पूरे ड्रग रैकेट की गहराई तक पहुंचा जा सके।