Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो युवाओं की मौत हो गई थी। इस मामले में गिरफ्तार Nesco Ltd के दो बड़े अधिकारियों, बालकृष्ण कुरुप और सनी जैन ने अब बॉम्बे हाई कोर्ट की वेकेशन
Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो युवाओं की मौत हो गई थी। इस मामले में गिरफ्तार Nesco Ltd के दो बड़े अधिकारियों, बालकृष्ण कुरुप और सनी जैन ने अब बॉम्बे हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच से जमानत की गुहार लगाई है। इससे पहले सेशन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
क्या है पूरा मामला और किसने गंवाई जान
यह घटना 11 अप्रैल 2026 को गोरेगांव के Nesco एग्जिबिशन सेंटर में हुए एक टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान हुई थी। इस हादसे में 28 साल के एक युवक और 24 साल की एक युवती की मौत हो गई, जो दोनों MBA स्टूडेंट थे। पुलिस को शक है कि उनकी मौत MDMA (Ecstasy) ड्रग्स के ओवरडोज की वजह से हुई। इस मामले में वानराई पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की और 13 अप्रैल को Nesco के वाइस प्रेसिडेंट बालकृष्ण कुरुप और सीनियर मैनेजर सनी जैन को गिरफ्तार किया।
जमानत याचिका में क्या दलीलें दी गईं
अदालत में दिए गए आवेदन में आरोपियों ने कहा कि इवेंट की पूरी सिक्योरिटी किसी तीसरी पार्टी (आउटसोर्स) को दी गई थी। उनका तर्क है कि सिक्योरिटी में हुई किसी भी चूक के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बालकृष्ण कुरुप ने अपनी याचिका में कहा कि Nesco की पॉलिसी में नशीले पदार्थों पर सख्त पाबंदी है और उन्हें इस मामले में बलि का बकरा बनाया गया है।
कोर्ट की पिछली टिप्पणी और कानूनी धाराएं
इससे पहले 7 मई 2026 को सेशन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि पैसों के लालच ने मनोरंजन की जगह को कब्रिस्तान में बदल दिया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), NDPS एक्ट और महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है। वहीं, इवेंट ऑर्गनाइजर आकाश सामल को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Nesco अधिकारियों की जमानत याचिका हाई कोर्ट में क्यों गई?
सेशन कोर्ट ने 7 मई 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच का दरवाजा खटखटाया है।
इस केस में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज है?
आरोपियों पर BNS की धारा 105 (culpable homicide not amounting to murder), NDPS एक्ट और महाराष्ट्र निषेध अधिनियम के तहत आरोप लगे हैं।