Mumbai में NEET विरोध प्रदर्शन के बाद सैकड़ों युवाओं को WhatsApp पर मिले पुलिस नोटिस, 23 जुलाई से लागू होगा पाबंदी का आदेश

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद अब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों युवाओं को उनके WhatsApp पर पुलिस नोटिस भेजे गए हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि पु

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद अब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों युवाओं को उनके WhatsApp पर पुलिस नोटिस भेजे गए हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में बहुत बड़े पैमाने पर नोटिस जारी कर रही है ताकि युवाओं को डराया जा सके।

यह पूरा मामला 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। यह प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) और एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk के समर्थन में किया गया था। प्रदर्शनकारी NEET में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। मुंबई पुलिस ने इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और करीब 900 लोगों के खिलाफ सात अलग-अलग FIR दर्ज कीं।

मंगलवार सुबह से ही कई छात्रों और युवाओं को WhatsApp के जरिए नोटिस मिलने शुरू हो गए। ये नोटिस Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) की धारा 35(3) के तहत भेजे गए हैं। इस नियम के मुताबिक, जिन अपराधों में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है, वहां आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा जाता है। जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, उन्हें 27 जुलाई को सुबह 10 बजे शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही, मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक के लिए निषेधाज्ञा (prohibitory orders) लागू कर दी है। महाराष्ट्र पुलिस एक्ट, 1951 की धारा 37 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार, पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। लाउडस्पीकर, संगीत बैंड और सार्वजनिक प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक रहेगी। हथियारों या विस्फोटकों को ले जाने और भड़काऊ भाषण देने पर भी पाबंदी होगी। हालांकि, शादी-ब्याह, अंतिम संस्कार, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर, कोर्ट और सिनेमा हॉल जैसी जगहों को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन बिना किसी अनुमति के किए गए थे, इसलिए यह कार्रवाई की गई। DCP सेंट्रल जोन 3 महेंद्र पंडित ने बताया कि FIR दर्ज करने की प्रक्रिया अभी जारी है। दादर के चैत्यभूमि इलाके में हुए अनाधिकृत प्रदर्शन के लिए भी 50 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, AISF और SFI जैसे छात्र संगठनों ने इसे छात्रों को दबाने की कोशिश बताया है।