Mumbai में NEET पेपर लीक के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, शिवाजी पार्क पहुंचे हजारों छात्र और उनके परिवार
Maharashtra: मुंबई के शिवाजी पार्क में NEET पेपर लीक के विरोध में छठे दिन भी भारी भीड़ उमड़ी। इस प्रदर्शन में सिर्फ Gen Z छात्र ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और छोटे बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्र
Maharashtra: मुंबई के शिवाजी पार्क में NEET पेपर लीक के विरोध में छठे दिन भी भारी भीड़ उमड़ी। इस प्रदर्शन में सिर्फ Gen Z छात्र ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और छोटे बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को आयोजित इस ‘तिरंगा मार्च’ में करीब 2,000 से 2,500 लोग जुटे। इस दौरान शिव सेना (UBT) के उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और MNS नेता अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। माहौल काफी भावुक था, जहां कुछ माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के लिए करीब 200 जवान तैनात किए थे। हालांकि, शहर में धारा 37 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी, जिसके कारण बिना अनुमति के जमावड़े पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। पुलिस ने छात्रों को हिरासत में न लेने का अनुरोध किया था, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट के चलते एक छात्र कार्यकर्ता को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, जिसे बाद में संदीप देशपांडे के हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया।
दूसरी ओर, सरकार ने Cockroach Janta Party (CJP) की दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। इसमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेना और पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को करीब 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
तनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने 6 अगस्त तक शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, सार्वजनिक भाषण देने और नारेबाजी करने पर रोक है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
आने वाले शनिवार, 26 जुलाई को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक संयुक्त विरोध मार्च निकालेंगे। यह मार्च शिवाजी पार्क से शुरू होकर सिद्धिविनायक मंदिर तक जाएगा। राज ठाकरे ने साफ किया है कि इस मार्च में किसी राजनीतिक झंडे का इस्तेमाल नहीं होगा और यह पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है।