Mumbai में NEET पेपर लीक पर बवाल, पुलिस ने वापस ली अनुमति, 900 से ज्यादा लोगों पर FIR
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को आजाद मैदान में होने वाले प्रदर्शन की अनुमति पुलिस ने आखिरी समय पर वापस ले ली, ज
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को आजाद मैदान में होने वाले प्रदर्शन की अनुमति पुलिस ने आखिरी समय पर वापस ले ली, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क और दादर के चैत्यभूमि जैसे इलाकों में जमा हो गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा और प्रशासन ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है।
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं, जिनमें कुल 900 से ज्यादा लोगों के नाम शामिल हैं। सबसे बड़ी FIR शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है, जिसमें 600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को नामजद किया गया है। डीसीपी महेंद्र पंडित ने बताया कि अनुमति न होने के बावजूद भीड़ जमा हुई, इसलिए कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजकर जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा है।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को गंभीर पाप बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के साथ पुलिस की सख्ती की निंदा की और संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की। शिव सेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का समर्थन किया और आदित्य ठाकरे ने प्रभावित छात्रों को कानूनी मदद देने का ऐलान किया है।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 23 जुलाई से 6 अगस्त तक पूरे मुंबई शहर में धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। इसके तहत बिना अनुमति के किसी भी तरह की रैली, सभा या प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। दूसरी ओर, वंचित बहुजन अघाड़ी ने पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है। छात्र संगठन MASS और AISF ने पुलिस की इस कार्रवाई को युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।