Maharashtra : मुंबई के मुलुंड इलाके में अवैध होर्डिंग्स और बैनरों की समस्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए स्थानीय निवासी और एक्टिविस्ट Janak Keshariya ने BMC के T-Ward अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने प्रशासन को 15
Maharashtra : मुंबई के मुलुंड इलाके में अवैध होर्डिंग्स और बैनरों की समस्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए स्थानीय निवासी और एक्टिविस्ट Janak Keshariya ने BMC के T-Ward अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है कि सभी बिना अनुमति वाले होर्डिंग्स को हटाया जाए, वरना जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में केस किया जाएगा।
होर्डिंग्स हटाने के लिए क्या है कानूनी आधार?
Janak Keshariya ने अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त आदेशों का हवाला दिया है। महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1995 और मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1888 के तहत बिना अनुमति विज्ञापन लगाना गलत है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवंबर 2024 में ही सभी नगर निगमों को अवैध होर्डिंग्स हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था।
BMC की नई होर्डिंग पॉलिसी के मुख्य नियम क्या हैं?
मई 2024 में घाटकोपर में हुए होर्डिंग हादसे के बाद BMC ने 28 नवंबर 2025 को नई पॉलिसी लागू की थी। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| नियम |
विवरण |
| साइज की सीमा |
40 ft x 40 ft से बड़े होर्डिंग पर रोक |
| प्रतिबंधित जगह |
फुटपाथ और बिल्डिंग की छतों पर विज्ञापन बैन |
| डिजिटल बोर्ड |
रोशनी की सीमा तय, चमकने वाले विजुअल्स पर रोक |
| परमिट |
हर दो साल में परमिट रिन्यू कराना जरूरी |
| सुरक्षा रिपोर्ट |
बड़े होर्डिंग्स के लिए स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी रिपोर्ट अनिवार्य |
| पेनल्टी |
नियम तोड़ने वाले विज्ञापनदाताओं को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा |
प्रशासन का क्या कहना है और वर्तमान स्थिति क्या है?
इस मामले में T-Ward की असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर Yogita Kolhe ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। वहीं, Janak Keshariya का कहना है कि वार्ड ऑफिस कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। इसी बीच, महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी कार्रवाई चल रही है। 17 अप्रैल 2026 को CIDCO ने नवी मुंबई के NAINA इलाके में अवैध होर्डिंग्स गिराए, जबकि पुणे नगर निगम (PMC) ने भी इनके सर्वे के लिए एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया है।