Mumbai में मानसून के दौरान गिर रहे हैं सैकड़ों पेड़, 6 दिन में 1,100 से ज्यादा पेड़ गिरे; कई लोग हुए घायल

Maharashtra: मुंबई में इस बार मानसून की बारिश अपने साथ बड़ा खतरा लेकर आई है। शहर में पेड़ों के गिरने की घटनाओं में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों पेड़ धरा

Maharashtra: मुंबई में इस बार मानसून की बारिश अपने साथ बड़ा खतरा लेकर आई है। शहर में पेड़ों के गिरने की घटनाओं में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों पेड़ धराशायी हुए हैं, जिसके कारण यातायात बाधित हुआ है और कई लोग चोटिल हुए हैं।

आंकड़ों की बात करें तो 1 जुलाई से 6 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में 1,100 से ज्यादा पेड़ गिरे। यह संख्या पिछले तीन सालों के पूरे मानसून सीजन के मुकाबले कहीं ज्यादा है। सिर्फ 5 और 6 जुलाई के बीच 24 घंटों में 523 पेड़ गिरे, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए। पिछले एक हफ्ते में कुल तीन मौतें दर्ज की गई हैं, जिसमें चेंबूर में एक स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की जान चली गई।

BMC के मुताबिक, पेड़ों के गिरने की मुख्य वजह तेज हवाएं हैं, जिनकी रफ्तार 72-79 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। हालांकि, विशेषज्ञों और वनस्पति विज्ञानियों की राय अलग है। Arborists का कहना है कि सड़कों के कंक्रीटीकरण की वजह से पेड़ों की जड़ों को ऑक्सीजन और पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे अंदर से खोखले और कमजोर हो रहे हैं। साथ ही, गलत तरीके से की गई छंटाई (Pruning) ने पेड़ों का संतुलन बिगाड़ दिया है, जिससे वे भारी बारिश में आसानी से गिर रहे हैं।

विवरण आंकड़े / जानकारी
कुल गिरे पेड़ (1-6 जुलाई 2026) 1,100 से ज्यादा
24 घंटे में सबसे ज्यादा घटनाएं 523 पेड़ (5-6 जुलाई)
कुल मौतें (पिछले एक हफ्ते में) 3 लोग
सार्वजनिक क्षेत्रों में गिरे पेड़ 350
निजी संपत्तियों पर गिरे पेड़ 480
गिरी हुई टहनियां 1,238
BMC को मिली कुल कॉल 1,493

इस स्थिति को देखते हुए BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने पेड़ों की छंटाई के लिए SOP को फिर से लागू करने का ऐलान किया है। BMC अब मुंबई यूनिवर्सिटी और IIT Bombay के विशेषज्ञों की मदद से एक नई रणनीति बनाएगी। इसमें फुटपाथ के पेड़ों को बचाने, जड़ों को बिजली और पानी की लाइनों से अलग रखने और मिट्टी की जल सोखने की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। साथ ही, निजी संपत्तियों पर खतरनाक पेड़ों की छंटाई के लिए BMC एक्ट 1881 की धारा 383 के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे।