Maharashtra: मुंबई में मानसून के दौरान होने वाली बाढ़ और जलजमाव से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि शहर में 43 बड़े पंपिंग स्टेशन चालू कर दिए गए है
Maharashtra: मुंबई में मानसून के दौरान होने वाली बाढ़ और जलजमाव से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि शहर में 43 बड़े पंपिंग स्टेशन चालू कर दिए गए हैं। साथ ही, आपदा प्रबंधन के लिए AI आधारित सिस्टम और अस्पतालों में बेड का इंतजाम भी किया गया है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
बाढ़ रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
मुंबई में पानी जमा न हो, इसके लिए 43 बड़े पंपिंग स्टेशन काम कर रहे हैं और एक स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है। BMC ने शहर के 496 बाढ़ प्रभावित इलाकों की पहचान की थी, जिनमें से 403 का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, मई के अंत तक नालों की सफाई और सड़कों के कंक्रीटीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य की क्या स्थिति है
किसी भी बड़ी आपदा से निपटने के लिए 3,000 हॉस्पिटल बेड रिजर्व रखे गए हैं और डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर 24 घंटे चालू रहेंगे। SDRF की 10 टीमें तैनात हैं और 2 और टीमों को मंजूरी मिली है। मदद के लिए Western Naval Command के जहाज और हेलीकॉप्टर और Air Force के एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी तैयार रखी गई है।
कोंकण और अन्य इलाकों में क्या तैयारी है
कोंकण डिवीजन के 939 गांवों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) को रोकने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। सावित्री और वशिष्ठी नदियों की तलहटी से गाद निकाली गई है ताकि पानी का बहाव सही रहे। हालांकि, IMD ने बताया है कि El Nino की वजह से इस बार औसत से 88% ही बारिश होगी, जिसके कारण मुंबई में 15 मई से 10% पानी की कटौती भी शुरू की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में बाढ़ रोकने के लिए BMC ने क्या कदम उठाए हैं?
BMC ने 43 बड़े पंपिंग स्टेशन चालू किए हैं और 496 बाढ़ प्रभावित इलाकों में से 403 का काम पूरा कर लिया है। साथ ही 547 पोर्टेबल पंप लगाए जा रहे हैं।
मानसून के दौरान आपातकालीन मदद के लिए क्या व्यवस्था है?
SDRF की 10 टीमें तैनात हैं, 3,000 हॉस्पिटल बेड रिजर्व हैं और नौसेना व वायुसेना के जहाज और हेलीकॉप्टर मदद के लिए तैयार हैं।