Mumbai में भारी बारिश और तूफान का कहर, एक हफ्ते में गिरे 1,100 पेड़, 3 लोगों की मौत

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले एक हफ्ते में शहर में 1,100 से ज्यादा पेड़ गिर चुके हैं, जबकि सिर्फ 6 जुलाई के एक दिन में 523 पेड़ गिरे, जो इस सीजन का

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले एक हफ्ते में शहर में 1,100 से ज्यादा पेड़ गिर चुके हैं, जबकि सिर्फ 6 जुलाई के एक दिन में 523 पेड़ गिरे, जो इस सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस आपदा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।

पेड़ों के गिरने से हुए हादसों में कुर्ला इलाके में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें 46 साल के एक व्यक्ति और 63 साल के यूनुस कुंडवाला शामिल हैं। इससे पहले 30 जून को चेंबूर में एक स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। इसके अलावा, 5 जुलाई को मानखुर्द में एक इमारत गिरने से पांच बच्चों और एक महिला समेत छह लोगों की मौत की खबर आई। महाराष्ट्र के मुंबई, पालघर और रायगढ़ जिलों में पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 13 मौतें दर्ज की गई हैं।

मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था, क्योंकि हवा की रफ्तार 70-80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी और बताया कि मुंबई ने अपने महीने भर का कोटा सिर्फ चार दिनों में पूरा कर लिया है। सावधानी के तौर पर मुंबई, ठाणे, पुणे और पालघर के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए।

BMC के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल को 30 जून से 6 जुलाई के बीच पेड़ों और टहनियों के गिरने की 1,124 शिकायतें मिलीं। BMC ने इस बढ़ोतरी की वजह तेज हवाओं को बताया है, हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों के कंक्रीटीकरण और पेड़ों की गलत तरीके से छंटाई की वजह से भी पेड़ कमजोर होकर गिर रहे हैं। मेयर रितु तावड़े ने पीड़ितों के परिवार के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है और इन घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं।

7 जुलाई को IMD ने अलर्ट को घटाकर ‘ऑरेंज’ कर दिया है और 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई से बारिश की तीव्रता कम होगी और मौसम में सुधार आने की उम्मीद है। इस बीच, पुणे के आलंदी जाने वाले वारकरियों को बाढ़ के खतरे को देखते हुए यात्रा न करने की सलाह दी गई है।