Mumbai में मानसून की एंट्री में देरी, 20 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है; उमस और गर्मी से लोग परेशान
Maharashtra: मुंबई के लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून ने इस बार उन्हें इंतजार करवाया है। शहर में मानसून आने की सामान्य तारीख 11 जून थी, लेकिन अब तक बारिश की औपचारिक शुरुआत नहीं हुई है। मौसम विभाग
Maharashtra: मुंबई के लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून ने इस बार उन्हें इंतजार करवाया है। शहर में मानसून आने की सामान्य तारीख 11 जून थी, लेकिन अब तक बारिश की औपचारिक शुरुआत नहीं हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मुंबई में मानसून की एंट्री में इस बार इतनी देरी हो सकती है जो पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा होगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मुंबई में मानसून अब 25 जून के आसपास पहुंच सकता है। अगर ऐसा होता है, तो साल 2026 की यह तारीख 2019 और 2023 के बराबर होगी, जब मानसून सबसे देरी से आया था। फिलहाल शहर में गर्मी और उमस बनी हुई है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी हो रही है।
IMD के मुताबिक, मानसून केरल में 4 जून को ही आ गया था और 8 जून तक दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद मानसून की हवाएं कमजोर पड़ गईं। अब 25 जून के बाद ही कोंकण बेल्ट में मानसून की अच्छी सक्रियता दिखने की उम्मीद है। अगले 4-5 दिनों तक महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में छिटपुट बारिश ही होगी, लेकिन 20 और 21 जून के बीच नमी बढ़ने से जून के आखिरी हफ्ते में अच्छी बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों ने इस देरी के पीछे कई बड़े कारण बताए हैं। IMD के वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश लाने वाले सक्रिय सिस्टम की कमी है और दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसके अलावा, अरब सागर और हिंद महासागर में नमी लाने वाला प्रवाह भी धीमा है। साथ ही, Madden-Julian Oscillation (MJO) फिलहाल कमजोर दौर में है, जबकि पिछले साल इसी MJO के सक्रिय होने की वजह से 26 मई को ही मुंबई में मानसून आ गया था।
एक बड़ा कारण प्रशांत महासागर में बन रहे El Niño हालात भी हैं, जो अक्सर मानसून को कमजोर करते हैं और उसकी रफ्तार धीमी कर देते हैं। इसका असर पूरे देश में दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 4 जून से 18 जून के बीच पूरे भारत में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। जहाँ सामान्य तौर पर 72.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहां सिर्फ 42.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। प्राइवेट वेदर फोरकास्टर Skymet के महेश पलवट का मानना है कि 22 या 23 जून के बाद मानसून फिर से आगे बढ़ना शुरू करेगा।