Mumbai में बारिश का कहर, पेड़ गिरने से 3 लोगों की मौत; IMD ने जारी किया Red Alert

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में मानसून की भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। पिछले एक हफ्ते के अंदर पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा घटना में कुर्ला और गोरेगांव इलाके में हादसे हुए, जिससे शहर के लोगों मे

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में मानसून की भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। पिछले एक हफ्ते के अंदर पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा घटना में कुर्ला और गोरेगांव इलाके में हादसे हुए, जिससे शहर के लोगों में डर और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है।

रविवार, 5 जुलाई 2026 को कुर्ला वेस्ट के नौपाड़ा इलाके में BMC हिंदी स्कूल के पास एक पेड़ गिर गया। इस हादसे में 63 साल के यूनुस कुंडावाला की मौत हो गई, जो अपनी दुकान में थे। उन्हें फौजीया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी नगर निगम की टीम को पहुंचने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा।

इसी दिन गोरेगांव ईस्ट के आरे कॉलोनी इलाके से भी एक दुखद खबर आई। यहां 18 साल के कुमार हसन रजा जहांगीर आलम सैयद की मौत हो गई, जब उन पर पेड़ की एक बड़ी टहनी गिर गई। उन्हें बालाजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। इससे पहले 30 जून को चेंबूर में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी और चार अन्य बच्चे घायल हुए थे।

BMC ने बताया कि रविवार को शहर और उपनगरों में पेड़ गिरने की 250 से ज्यादा शिकायतें मिलीं। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने मानसून से पहले 46,000 पेड़ों की छंटाई की थी। अब BMC ने यह नियम बनाया है कि प्राइवेट प्रॉपर्टी के अंदर के खतरनाक पेड़ों की छंटाई भी की जाएगी और अगर मालिक ने इसे नजरअंदाज किया, तो BMC खुद यह काम करेगी और उसका खर्च मालिक से वसूला जाएगा।

अतिरिक्त नगर आयुक्त प्राजक्ता वर्मा ने जानकारी दी कि पेड़ गिरने से मौत होने पर 1 लाख रुपये और स्थायी विकलांगता पर 50,000 रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान है। वहीं, IMD ने मुंबई के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और भारी बारिश व तेज हवाओं की चेतावनी दी है। BMC ने लोगों से गैर जरूरी यात्रा न करने और सतर्क रहने की अपील की है।

दूसरी तरफ, नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने बताया कि उन्होंने अब तक 7,036 पेड़ों की छंटाई की है और 104 खतरनाक पेड़ों को हटाया है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने BMC की बड़े पैमाने पर की जा रही छंटाई को गलत बताया है, क्योंकि इससे पक्षियों के घोंसले और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।