Mumbai MMR में महिलाओं के लिए ई-रिक्शा स्कीम, सरकार देगी 40% सब्सिडी; ट्रैफिक से बचने के लिए तय होंगे खास रूट

Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने ‘महिला ई-रिक्शा योजना’ (पिंक ई-रिक्शा स्कीम) के तहत सब्सिडी बढ़ा दी है और अब महिलाओं को ई-रिक्शा खरीदने पर ज्यादा आर्थिक

Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने ‘महिला ई-रिक्शा योजना’ (पिंक ई-रिक्शा स्कीम) के तहत सब्सिडी बढ़ा दी है और अब महिलाओं को ई-रिक्शा खरीदने पर ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी। इसका मकसद महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और शहर में प्रदूषण कम करना है।

राज्य परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि MMR के अलग-अलग इलाकों में ऐसे रूट तय किए जाएं जहां ट्रैफिक जाम की समस्या न हो। उन्होंने साफ किया कि ये ई-रिक्शा मुख्य रूप से अंदरूनी सड़कों, फीडर रूट और कनेक्टिविटी कॉरिडोर पर चलेंगे ताकि लोगों को आखिरी मंजिल तक पहुंचने में आसानी हो। हाईवे और बड़े ट्रैफिक जंक्शनों पर इन्हें चलाने की अनुमति नहीं होगी ताकि जाम न बढ़े।

महाराष्ट्र कैबिनेट ने 14 जुलाई 2026 को इस योजना की सरकारी सब्सिडी को 20% से बढ़ाकर 40% कर दिया है। इस फैसले का फायदा उन महिलाओं को भी मिलेगा जिन्होंने पहले ही इस स्कीम के तहत ई-रिक्शा खरीद लिए हैं।

विवरण जानकारी
सरकारी सब्सिडी कुल कीमत का 40%
बैंक लोन 50%
महिला का योगदान 10%
मुख्य क्षेत्र मुंबई उपनगर, ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली
अनिवार्य सुविधा GPS ट्रैकिंग सिस्टम
अन्य लाभ फ्री ड्राइविंग ट्रेनिंग और कमर्शियल लाइसेंस में मदद

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस मिलकर इन रूटों की पहचान करेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि ई-रिक्शा की बैटरी तकनीक और स्पीड को बेहतर बनाने के लिए कंपनियों से बात की जाएगी। सभी ई-रिक्शा में GPS लगाना जरूरी होगा ताकि उनकी निगरानी की जा सके।

मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस योजना को चुनिंदा रूटों से शुरू करने का सुझाव दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री Aditi Tatkare ने बताया कि पहले कुछ तकनीकी नियमों की वजह से MMR में L-3 कैटेगरी के ई-रिक्शा नहीं चल पा रहे थे, लेकिन अब इसे सुधारा गया है। मार्च 2026 के नियमों के मुताबिक, सवारी ढोने वाले सभी ई-रिक्शा और ई-बाइक का मोटर वाहन विभाग में रजिस्ट्रेशन और परमिट होना जरूरी है।