Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में हवा की खराब क्वालिटी के लिए सड़कों पर लगने वाला जाम और गाड़ियों का धुआं मुख्य वजह है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा बनाए गए एक हाई-पावर्ड पैनल (HPC) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में हवा की खराब क्वालिटी के लिए सड़कों पर लगने वाला जाम और गाड़ियों का धुआं मुख्य वजह है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा बनाए गए एक हाई-पावर्ड पैनल (HPC) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि ट्रैफिक की अव्यवस्था और बिना टेस्ट वाली गाड़ियां प्रदूषण बढ़ा रही हैं। अब कोर्ट 30 अप्रैल 2026 को इस रिपोर्ट पर सुझावों की सुनवाई करेगा।
प्रदूषण कम करने के लिए पैनल ने क्या सुझाव दिए हैं?
पैनल ने सड़कों की हालत सुधारने और ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए कई जरूरी कदम उठाने को कहा है। इसका मकसद गाड़ियों को सड़कों पर कम देर तक खड़ा रखना है ताकि धुआं कम हो। पैनल ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- चौड़ी सड़कों पर बसों के लिए अलग लेन बनाई जाए ताकि ब्रेकडाउन से ट्रैफिक न रुके।
- अटल सेतु की तरह टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री किया जाए ताकि गाड़ियां बिना रुके निकल सकें।
- ट्रैफिक सिग्नल को सही करने के लिए Google Maps की मदद ली जाए।
- सड़कों पर पार्किंग के लिए साफ निशान बनाए जाएं और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगे।
PUC सेंटर और सड़कों की जांच पर क्या रहेगा एक्शन?
रिपोर्ट में फर्जी PUC सर्टिफिकेट देने वाले केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। पैनल का मानना है कि बिना जांच के गाड़ियां सड़कों पर चल रही हैं जिससे हवा जहरीली हो रही है। इसके अलावा, गड्ढों और ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स को ठीक करने के लिए BMC इंजीनियर और ट्रैफिक विभाग मिलकर जांच करेंगे।
| मुख्य समस्या |
प्रस्तावित समाधान |
| फर्जी PUC सर्टिफिकेट |
विशेष रेड और सख्त जांच अभियान |
| बसों की खराबी |
नियमित मेंटेनेंस का शेड्यूल बनाना |
| सड़क पर जाम |
टोंइंग वैन और इमरजेंसी टीमों की तैनाती |
| पार्किंग की समस्या |
ब्राइट पेंट से मार्किंग और गाड़ियां उठाना |