Mumbai में सड़कों के कंक्रीटीकरण पर उठे सवाल, MLC मनीषा कायंडे ने मांगी एक्सपर्ट कमेटी

Maharashtra: मुंबई की सड़कों की हालत और उन्हें बनाने के तरीके को लेकर अब राजनीति गरमा गई है। शिव सेना MLC मनीषा कायंडे ने राज्य सरकार से मांग की है कि एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए, जो यह जांच करे कि क्या भारी बारिश वाले इल

Maharashtra: मुंबई की सड़कों की हालत और उन्हें बनाने के तरीके को लेकर अब राजनीति गरमा गई है। शिव सेना MLC मनीषा कायंडे ने राज्य सरकार से मांग की है कि एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए, जो यह जांच करे कि क्या भारी बारिश वाले इलाकों में डामर (asphalt) की सड़कें सही तरह से बनाई और रखी जा सकती हैं। उन्होंने सरकार की हर सड़क को कंक्रीट बनाने की नीति पर सवाल उठाए हैं।

मनीषा कायंडे ने विधान परिषद में कहा कि महाराष्ट्र में कई ऐसी डामर की सड़कें हैं जो सही रखरखाव की वजह से सालों से टिकी हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशों में भारी बारिश के बावजूद डामर की सड़कों का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया जा रहा है, इसलिए इन्हें पूरी तरह खारिज नहीं करना चाहिए। उनका तर्क है कि कंक्रीट की सड़कें गर्मी को ज्यादा सोखती हैं और उसे वापस छोड़ती हैं, जिससे मुंबई जैसे शहरों में ‘अर्बन हीट इफेक्ट’ बढ़ता है। इस वजह से सड़क की सतह का तापमान इतना बढ़ जाता है कि गाड़ियों के टायर फटने जैसी घटनाएं होने लगती हैं।

सड़कों के साथ-साथ उन्होंने पैदल चलने वालों की दिक्कतों पर भी बात की। कायंडे ने कहा कि मुंबई में फुटपाथों के लिए कोई एक जैसा स्टैंडर्ड नहीं है और कई जगह इन पर कब्जा हो गया है, जिससे बुजुर्गों और आम लोगों का चलना मुश्किल और असुरक्षित हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बाधा मुक्त फुटपाथ को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना है। साथ ही, उन्होंने चिंता जताई कि शहर में तेजी से हो रहे निर्माण और पेड़ों की कटाई के मुकाबले पर्यावरण को बचाने के इंतजाम कम हैं।

इससे पहले जनवरी 2026 में आदित्य ठाकरे ने भी कहा था कि 2026 के अंत तक मुंबई की सभी सड़कों को कंक्रीट बनाने का दावा अव्यावहारिक है, क्योंकि शहर की बनावट जटिल है और कई अलग-अलग एजेंसियां इसमें शामिल हैं। फिलहाल मुंबई और पालघर जैसे इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है, जिससे टिकाऊ सड़कों की जरूरत और ज्यादा बढ़ गई है। इसी बीच 8-9 जुलाई 2026 को मुंबई में ’16th RAHSTA Expo’ होने वाला है, जहां टिकाऊ और आधुनिक सड़कों की तकनीक पर चर्चा होगी।