Maharashtra: मुंबई में सरकारी प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक सरकारी कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन लोगों ने खुद को
Maharashtra: मुंबई में सरकारी प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक सरकारी कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन लोगों ने खुद को MHADA का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनसे भारी रकम वसूली।
ठगी का तरीका क्या था और किसने की धोखाधड़ी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी रवि शर्मा, सुनील सर्वे, विक्रम गिरी और सरकारी कर्मचारी कृष्णा वालवंकर ने मिलकर यह साजिश रची। इन्होंने अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच लोगों को सरकारी प्लॉट दिलाने का लालच दिया। सरकारी कर्मचारी कृष्णा वालवंकर ने एक सीनियर MHADA अधिकारी बनकर लोगों का भरोसा जीता, जिससे यह फर्जी स्कीम असली लगने लगी।
कितने पैसे की हुई ठगी और कैसे बनाए फर्जी दस्तावेज
आरोपियों ने फर्जी MHADA लेटरहेड और नकली सरकारी स्टैंप का इस्तेमाल करके दस्तावेज तैयार किए थे। इन कागजों पर अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर भी किए गए थे। ठगी की कुल रकम और तरीका नीचे दी गई टेबल में देखें:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल ठगी की राशि |
लगभग 2.9 करोड़ रुपये |
| लेनदेन का तरीका |
कैश, चेक और बैंक ट्रांसफर |
| मुख्य आरोपी |
रवि शर्मा, सुनील सर्वे, विक्रम गिरी, कृष्णा वालवंकर |
| जांच एजेंसी |
मुंबई सिटी क्राइम ब्रांच |
अब आगे क्या कार्रवाई हुई है
मुंबई सिटी क्राइम ब्रांच ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने जांच में पाया कि फर्जी दस्तावेजों और सरकारी पद के गलत इस्तेमाल से ही पीड़ित व्यक्ति को झांसे में लिया गया था। अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।