Mumbai में घर बनाना हुआ आसान, MHADA एक्ट में बदलाव और स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी कटौती

Maharashtra: मुंबई में रहने वालों और घर खरीदने वालों के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। शहर में पुरानी इमारतों के पुनर्विकास (Redevelopment) की रफ्तार बढ़ाने के लिए MHADA एक्ट में संशोधन किया गया है। साथ ही, हाउसिंग

Maharashtra: मुंबई में रहने वालों और घर खरीदने वालों के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। शहर में पुरानी इमारतों के पुनर्विकास (Redevelopment) की रफ्तार बढ़ाने के लिए MHADA एक्ट में संशोधन किया गया है। साथ ही, हाउसिंग सोसायटियों के लिए स्टाम्प ड्यूटी कम कर दी गई है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

महाराष्ट्र विधानसभा ने MHADA एक्ट में बदलाव कर सेक्शन 79A को फिर से लागू करने की तैयारी की है। इस कदम से मुंबई की 13,000 से ज्यादा पुरानी और जर्जर इमारतों का काम तेजी से होगा। अब अगर मकान मालिक पुनर्विकास नहीं कराते हैं, तो 51% किरायेदारों की सहमति से वे खुद अपना प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे। इस बिल को अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने हाउसिंग सोसायटियों के 99 साल के लीज एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। अब रिहायशी संपत्तियों के लिए यह शुल्क सिर्फ 0.5% और कमर्शियल प्रॉपर्टीज के लिए 1.5% रहेगा। इस फैसले से उन सोसायटियों को फायदा होगा जो भारी टैक्स की वजह से सालों से अपने लीज पेपर रजिस्टर नहीं करा पा रहे थे।

धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि साल 2000 से पहले रहने वालों को 350 वर्ग फुट के घर मुफ्त मिलेंगे। साल 2000 से 2011 के बीच आने वालों को यही घर 2.5 लाख रुपये की रियायती कीमत पर दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य अगले 18 महीनों में पहले 10,000 घर पूरे करने का है।

दूसरी तरफ, अवैध निर्माण पर सख्ती बढ़ाई गई है। मानखुर्द में मकान गिरने के बाद BMC ने साफ किया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कलेक्टर सौरभ कटियार के मुताबिक, 2011 से पहले बने अवैध घरों को तभी हटाया जाएगा जब उनके लिए दूसरा विकल्प दिया जाए, लेकिन एक मंजिल से ऊपर और 14 फीट से ज्यादा ऊंचे अवैध निर्माण तुरंत गिराए जाएंगे।

प्रवासी मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री ने किफायती रेंटल हाउसिंग सिस्टम बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक डिजिटल पोर्टल शुरू किया जाएगा ताकि मकान मालिक और किराएदार आसानी से जुड़ सकें। साथ ही, महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट 1999 को मजबूत किया जा रहा है और अब DCP को इसके लिए सक्षम अधिकारी बनाया गया है।