Maharashtra: मुंबई मेट्रो लाइन 4 के काम में एक बड़ा बदलाव हुआ है। फरवरी में हुए हादसे के बाद जिस Consultant कंपनी को हटाने की बात कही गई थी, MMRDA ने अब उसे वापस रखने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला जनता
Maharashtra: मुंबई मेट्रो लाइन 4 के काम में एक बड़ा बदलाव हुआ है। फरवरी में हुए हादसे के बाद जिस Consultant कंपनी को हटाने की बात कही गई थी, MMRDA ने अब उसे वापस रखने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला जनता की सुविधा और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए लिया गया है।
हादसा क्यों हुआ और अब क्या फैसला लिया गया?
14 फरवरी 2026 को मुलुंड के LBS रोड पर मेट्रो का एक हिस्सा गिर गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हुए थे। पहले MMRDA ने DB Hill–LBG कंसोर्टियम का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का ऐलान किया था, लेकिन अब इस फैसले को पलट दिया गया है। MMRDA कमिश्नर संजय मुखर्जी ने बताया कि पहले का फैसला एक गलतफहमी की वजह से था। जांच में सामने आया कि यह हादसा एक वेल्डर की गलती से हुआ था, न कि डिजाइन या देखरेख की किसी बड़ी कमी की वजह से।
Consultant को वापस रखने के पीछे क्या कारण हैं?
MMRDA ने इस फैसले के पीछे कुछ मुख्य कारण बताए हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो:
- मेट्रो लाइन 4 का काम लगभग 80% पूरा हो चुका है।
- अगर अभी नया Consultant लाया जाता, तो प्रोजेक्ट में 6 से 7 महीने की देरी हो सकती थी।
- बाजार में मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत कम अनुभवी Consultants उपलब्ध हैं।
- यह फैसला पूरी तरह से पब्लिक इंटरेस्ट यानी जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अब सुरक्षा के लिए क्या नए नियम लागू होंगे?
कंपनी को वापस तो रखा गया है, लेकिन MMRDA ने बहुत सख्त शर्तें रखी हैं। अब पुराने टीम के सभी सदस्यों को बदला जाएगा और काम के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नए नियमों की लिस्ट नीचे दी गई है:
| नया नियम |
विवरण |
| टीम बदलाव |
General Consultant की पूरी टीम को बदला जाएगा |
| निरीक्षण |
सभी जरूरी कामों से पहले जॉइंट प्री-इंस्पेक्शन होगा |
| निर्देश |
अब कोई भी मौखिक (Verbal) निर्देश नहीं दिया जाएगा |
| सुरक्षा ट्रेनिंग |
काम शुरू करने से पहले ‘टूलबॉक्स टॉक’ अनिवार्य होगी |
| सख्ती |
भविष्य में किसी भी गलती पर जीरो टॉलरेंस की नीति होगी |
इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर RAJV पर 5 करोड़ रुपये और Consultant पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वहीं, कोर्ट ने तीन अधिकारियों को जमानत दे दी है, जबकि एक चीफ इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।