Mumbai में Metro के विस्तार से बदल रहे हैं घर खरीदने के तरीके, कनेक्टिविटी बनी प्रॉपर्टी की कीमत का मुख्य आधार

Maharashtra: मुंबई में फैलते मेट्रो नेटवर्क ने अब घर खरीदारों की पसंद को पूरी तरह बदल दिया है। अब लोग आलीशान पते के बजाय इस बात को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं कि उनका घर मेट्रो स्टेशन के कितना करीब है। ऑफिस, एयरपोर्ट या BKC

Maharashtra: मुंबई में फैलते मेट्रो नेटवर्क ने अब घर खरीदारों की पसंद को पूरी तरह बदल दिया है। अब लोग आलीशान पते के बजाय इस बात को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं कि उनका घर मेट्रो स्टेशन के कितना करीब है। ऑफिस, एयरपोर्ट या BKC पहुंचने में लगने वाला समय अब प्रॉपर्टी की कीमत तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर बन गया है।

MMRDA ने जून 2025 में ‘Mumbai in Minutes’ प्लान शुरू किया था, जिसका मकसद पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में यात्रा के समय को कम करना है। इसका असर अब जमीन और मकानों की कीमतों पर दिख रहा है। मेट्रो लाइन 3 और लाइन 7 जैसे कॉरिडोर की वजह से उन इलाकों में भी नए रिहायशी और कमर्शियल मार्केट बन रहे हैं, जिन्हें पहले शहर के बाहरी इलाके माना जाता था। मेट्रो आने से कुछ रूटों पर यात्रा के समय में 60 से 70 मिनट की कमी आई है।

रियल एस्टेट एक्सपर्ट श्वेता जैन (मैनेजिंग डायरेक्टर, Savills India) का कहना है कि अब खरीदार लोकेशन, प्रोजेक्ट की क्वालिटी और बिल्डर की साख को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। मार्केट में अब ‘कनेक्टिविटी-एडजस्टेड वैल्यू’ का चलन बढ़ा है।

विवरण कीमत/बढ़त (2026)
तैयार प्रीमियम घर (Appreciation) 2-7%
निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स (Growth) 10-15%
मेट्रो लाइन 3 के पास प्रॉपर्टी रेट (2023) ₹22,000 – 30,000 प्रति sq ft
मेट्रो लाइन 3 के पास प्रॉपर्टी रेट (2026) ₹28,000 – 38,000 प्रति sq ft

इस बदलाव का असर नवी मुंबई में भी दिख रहा है। 2014 में यहां रेजिडेंशियल लॉन्च की हिस्सेदारी 18% थी, जो 2026 की पहली छमाही तक बढ़कर 21% हो गई है। वहीं बिक्री 16% से बढ़कर 22% पर पहुंच गई है। गोदरेज प्रॉपर्टीज, लोढ़ा ग्रुप, ओबेरॉय रियल्टी और टाटा हाउसिंग जैसे बड़े डेवलपर्स अब अपनी रणनीति को मेट्रो रूट के हिसाब से ढाल रहे हैं।

सेंट्रल मुंबई में मेट्रो लाइन 3 और BKC की कनेक्टिविटी की वजह से लगभग 50 लाख स्क्वायर फीट नए ग्रेड-ए ऑफिस विकसित होने की उम्मीद है। इससे आसपास के इलाकों में घरों की मांग और बढ़ेगी। निवेश के नजरिए से अब उन जगहों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां मेट्रो स्टेशन प्लान तो हैं लेकिन अभी चालू नहीं हुए हैं, क्योंकि वहां कीमतें अभी कम हैं।