Mumbai में MBBS एडमिशन के नाम पर ठगी, EduVio कंपनी के 2 डायरेक्टर गिरफ्तार
Maharashtra: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट 10 ने MBBS एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से धोखाधड़ी करने वाली हैदराबाद की EduVio Learning Solution Pvt Ltd के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आदित्य कुमार अरोगोंडा और अरव
Maharashtra: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट 10 ने MBBS एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से धोखाधड़ी करने वाली हैदराबाद की EduVio Learning Solution Pvt Ltd के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आदित्य कुमार अरोगोंडा और अरविंद राव पर आरोप है कि उन्होंने NEET काउंसलिंग के जरिए सीट पक्की कराने का वादा किया था, लेकिन न तो एडमिशन कराया और न ही पैसे वापस किए।
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया जैसे Instagram, WhatsApp और Facebook पर विज्ञापन चलाते थे। वे NEET पास छात्रों के माता-पिता को टारगेट करते थे और उन्हें मैनेजमेंट कोटा या काउंसलिंग के जरिए गारंटीड सीट दिलाने का लालच देते थे। विश्वास जीतने के लिए उन्हें फर्जी अलॉटमेंट लेटर और नकली दस्तावेज भी दिए जाते थे। अगर एडमिशन नहीं हुआ, तो पैसे वापस करने का भरोसा भी दिया जाता था, जो बाद में झूठा निकला।
इस धोखाधड़ी का जाल काफी बड़ा है। मुंबई के इरशाद जांभरकर ने 13.94 लाख रुपये और सैयद खान ने 18.58 लाख रुपये गंवाए। इसके अलावा तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 100 से ज्यादा माता-पिता के साथ करीब 2.35 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। एक डॉक्टर से भी 1.15 करोड़ रुपये ठगे जाने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी हैदराबाद और पुणे पुलिस द्वारा इसी तरह के मामलों में पकड़े जा चुके हैं।
इस बीच National Testing Agency (NTA) ने जून 2026 में एक एडवाइजरी जारी कर उम्मीदवारों को सावधान किया है। NTA ने साफ किया है कि कोई भी वैध एडमिशन आधिकारिक चैनलों (जैसे AIQ के लिए MCC और स्टेट कोटा के लिए राज्य प्राधिकरण) के बाहर नहीं होता है। मैनेजमेंट और NRI कोटा सहित हर सीट के लिए NEET अनिवार्य है। किसी भी एजेंट को MCC लॉगिन डिटेल्स, OTP या दस्तावेज साझा न करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 16 जून 2026 को IT एक्ट की धारा 69A के तहत टेलीग्राम के उन चैनलों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जो लीक प्रश्न पत्रों के नाम पर पैसे मांग रहे थे।