Mumbai में बच्चे की मौत पर BMC की रिपोर्ट खारिज, मेयर ने कहा- अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की

Maharashtra/Mumbai: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने BMC की जांच रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार को हुई जनरल बॉडी मीटिंग में मेयर ने इस रिप

Maharashtra/Mumbai: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने BMC की जांच रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार को हुई जनरल बॉडी मीटिंग में मेयर ने इस रिपोर्ट को ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि इसमें जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन को इस पूरे मामले की फिर से जांच करने के आदेश दिए हैं।

इस हादसे में बच्चे की जान जाने के बाद BMC ने एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि हादसे के लिए कोई भी सरकारी विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं है। रिपोर्ट में केवल ठेकेदारों पर गलती निकाली गई और उन पर कुल 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का सुझाव दिया गया था। इस बात पर मेयर और सदन के सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई। मेयर रितु तावड़े और सदन के नेता गणेश खानकर ने मीटिंग के दौरान गुस्से में रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी।

मेयर ने कहा कि एक मां होने के नाते वह पीड़ित परिवार का दर्द समझती हैं और एक बच्चे की जान की कीमत 7 लाख रुपये का जुर्माना नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी बताया कि मानसून से पहले उन्होंने खुद साइट इंजीनियर को कमजोर पेड़ों के बारे में चेतावनी दी थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। वहीं, विहान के पिता गौरव श्रीवास्तव ने भी रिपोर्ट में कमियां बताईं और कहा कि BMC के अधिकारियों ने खुद की ही जांच की है, इसलिए यह निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने एक स्वतंत्र पैनल से जांच की मांग की है।

इस मामले में पहले ही जगदीश भोइर (असिस्टेंट गार्डन सुपरिंटेंडेंट) और अरुण मुंडे (सब-इंजीनियर) जैसे अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। अब नई जांच कमेटी में दो पार्षदों को भी शामिल किया जाएगा ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे। BMC प्रशासन का कहना है कि पेड़ अंदर से खोखला था और फंगल डिके की वजह से गिरा, जिसकी भविष्यवाणी करना वैज्ञानिक रूप से मुश्किल था।