Maharashtra: मुंबई के एम ईस्ट वार्ड की बस्तियों में रहने वाली 10 महिलाओं ने अपनी जिंदगी की अनकही कहानियों को कैमरे में कैद किया है। इन महिलाओं ने स्मार्टफोन की मदद से एक फीचर फिल्म बनाई है, जिसका नाम ‘Mast Mahila M
Maharashtra: मुंबई के एम ईस्ट वार्ड की बस्तियों में रहने वाली 10 महिलाओं ने अपनी जिंदगी की अनकही कहानियों को कैमरे में कैद किया है। इन महिलाओं ने स्मार्टफोन की मदद से एक फीचर फिल्म बनाई है, जिसका नाम ‘Mast Mahila Mandali (Cool Ladies Club)’ रखा गया है। यह डॉक्यूमेंट्री 28 अप्रैल को Regal Cinema में पहली बार आम जनता के लिए दिखाई जाएगी।
यह फिल्म कैसे बनी और कौन हैं इसके फिल्ममेकर्स?
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2024 में हुई थी। CORO India नाम की संस्था ने महिलाओं से 5 फोटो भेजने को कहा था, जिसमें से 10 महिलाओं को चुना गया। इन महिलाओं में सफाई कर्मचारी, हेल्थ वॉलंटियर्स, होममेकर्स और कम्युनिटी टॉयलेट चलाने वाली महिलाएं शामिल हैं। इन्हें 18 महीने तक हर शनिवार को फिल्म बनाने की ट्रेनिंग दी गई। नेशनल अवार्ड विनर Shilpi Gulati ने इस फिल्म में को-डायरेक्टर और फैसिलिटेटर की भूमिका निभाई, जबकि Supriya Jan इसकी प्रोड्यूसर रहीं।
फिल्म की कहानी और खास बातें क्या हैं?
यह फिल्म मूल रूप से CORO के ‘Right to Pee’ अभियान से जुड़ी है, जो पिछले 15 सालों से बस्तियों में साफ और सुरक्षित शौचालयों की सुविधा पर काम कर रहा है। फिल्म में इन महिलाओं ने अपनी निजी और अंतरंग कहानियों को साझा किया है। फिल्म की एक सदस्य Vaishali Mane ने बताया कि उन्होंने अपनी इस फिल्म मेकिंग की बात परिवार से तब तक गुप्त रखी, जब तक कि प्रीमियर का समय नहीं आ गया।
प्रीमियर और मीडिया मुलाकात की जानकारी
फिल्म के पब्लिक प्रीमियर से एक हफ्ते पहले इन 10 फिल्ममेकर्स ने Chembur स्थित CORO India के ऑफिस में मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण स्मार्टफोन के जरिए उन्होंने अपनी दुनिया को बड़े पर्दे पर उतारने का सपना पूरा किया। अब 28 अप्रैल को Regal Cinema में लोग उनकी इन संघर्षपूर्ण और सच्ची कहानियों को देख सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mast Mahila Mandali फिल्म कब और कहां रिलीज होगी?
यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 28 अप्रैल को मुंबई के Regal Cinema में पब्लिक प्रीमियर के लिए रिलीज होगी।
इस फिल्म को बनाने वाली महिलाएं कौन हैं?
इस फिल्म को मुंबई के एम ईस्ट वार्ड की बस्तियों की 10 महिलाओं ने बनाया है, जिनमें सफाई कर्मचारी और गृहणियां शामिल हैं।