Maharashtra: मुंबई में आम का सीजन शुरू हो गया है और शहर के रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में आम के कई नए स्वाद जोड़ दिए हैं। मार्च से जुलाई तक चलने वाले इस सीजन में अप्रैल और मई के बीच हापुस (Alphonso) आम की सबसे ज्यादा मा
Maharashtra: मुंबई में आम का सीजन शुरू हो गया है और शहर के रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में आम के कई नए स्वाद जोड़ दिए हैं। मार्च से जुलाई तक चलने वाले इस सीजन में अप्रैल और मई के बीच हापुस (Alphonso) आम की सबसे ज्यादा मांग रहती है। शहर के अलग-अलग इलाकों के कैफे और होटल्स अब आमरस पूरी जैसे पारंपरिक पकवानों के साथ-साथ मॉडर्न डिशेज भी परोस रहे हैं।
मुंबई में कहां क्या खाएं और कौन सी डिशेज खास हैं
मुंबई के कई मशहूर रेस्टोरेंट्स ने इस बार कुछ अनोखे प्रयोग किए हैं। खार वेस्ट के Mizu Izakaya में Mango Dojima Roll और clarified mango milkshake मिल रहा है। वहीं Ballard Estate के Pardon our French में Mango Toast और Mango Soft Serve का स्वाद लिया जा सकता है। अगर आप पारंपरिक स्वाद चाहते हैं, तो तरदेओ के GujjuBhai Ni Thali में आमरस पूरी का आनंद ले सकते हैं।
| रेस्टोरेंट का नाम |
खास आम डिश/ड्रिंक |
| Apero by Malvika |
Mango Salsa Cheese Dome, Dream Cake |
| The Bread Bar |
Mango Cold Brew |
| Poco Loco Tapas Bar |
Mango Shrimp Taco, Quinoa Salad |
| The Bluebop Cafe |
Mango Tacos, Margaritas |
| Bombay Baking Company |
Alphonso Mango Cake, Mango Curd Tart |
| Neuma (Colaba) |
Mango Pizza, Mango Mochi |
| Sofitel BKC |
Mango Chilli Prawns, Mango Basil Noodles |
आम की क्वालिटी और सरकारी नियमों को लेकर क्या है अपडेट
इस साल आमों की क्वालिटी बनाए रखने के लिए FSSAI ने आर्टिफिशियल तरीके से आम पकाने पर सख्त नियम लागू किए हैं। इसके अलावा, अप्रैल के पहले हफ्ते से USDA के इंस्पेक्टर भी भारत में आमों की जांच के लिए आने की संभावना है। आम की कई किस्में जैसे हापुस, बदामी, केसर और दशहरी इस सीजन में बाजारों और रेस्टोरेंट्स में उपलब्ध रहेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में हापुस आम का सीजन कब तक रहता है
मुंबई में हापुस (Alphonso) आम का सीजन आमतौर पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में शुरू होता है और जून के मध्य तक चलता है।
FSSAI ने आमों को लेकर क्या निर्देश दिए हैं
FSSAI ने 2026 में आमों को आर्टिफिशियल तरीके से पकाने के खिलाफ सख्त नियमों को लागू किया है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित फल मिल सकें।