Maharashtra: मुंबई शहर में इन दिनों आम की धूम है। बाजारों में सुनहरे और हरे रंग के आमों की भरमार है और चारों तरफ उनकी खुशबू फैली हुई है। लोग अपनी पसंद के आम खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं, वहीं शहर के रेस्टोरेंट
Maharashtra: मुंबई शहर में इन दिनों आम की धूम है। बाजारों में सुनहरे और हरे रंग के आमों की भरमार है और चारों तरफ उनकी खुशबू फैली हुई है। लोग अपनी पसंद के आम खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं, वहीं शहर के रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर भी आम से बनी अलग-अलग डिशेज लोगों को लुभा रही हैं।
आम की कीमतों और सप्लाई का क्या है हाल
इस साल मौसम के खराब होने से हापुस आम की पैदावार 60 से 70 प्रतिशत तक कम हुई थी, जिससे शुरुआत में कीमतें काफी बढ़ गई थीं। थोक बाजार में एक बॉक्स 2,000 से 6,000 रुपये तक बिक रहा था। लेकिन अप्रैल के आखिरी हफ्ते तक APMC मार्केट में कोंकण और कर्नाटक से आम की आवक बढ़ी, जिससे कीमतें नीचे आईं। अब एक बॉक्स 1,500 से 3,000 रुपये के बीच मिल रहा है। रत्नागिरी हापुस का पीक सीजन 15 मार्च से 15 मई 2026 तक रहने का अनुमान है।
मिलावट रोकने के लिए FSSAI ने क्या कदम उठाए
आमों को जल्दी और कृत्रिम तरीके से पकाने की अवैध प्रैक्टिस को रोकने के लिए FSSAI ने नियम कड़े कर दिए हैं। अब प्रवर्तन टीमें थोक बाजारों में स्ट्रिप पेपर टेस्ट का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों का तुरंत पता लगाया जा सके। इस कदम का मकसद ग्राहकों को सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से पके हुए आम उपलब्ध कराना है।
मुंबई के फूड मेन्यू में आम का तड़का
शहर के शेफ और रेस्टोरेंट मालिक आम को नए अंदाज में पेश कर रहे हैं। Payal Thakkar जैसे शेफ आम का इस्तेमाल मीठे और नमकीन दोनों तरह के पकवानों जैसे आम कढ़ी, आम पुलाव और श्रीखंड में कर रहे हैं। Mizu Izakaya और Pardon My French जैसे रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में Mango Dojima Rolls और Mango Toast जैसी डिशेज शामिल की हैं। वहीं सड़क किनारे जूस की दुकानों पर मैंगो मिल्कशेक सबसे ज्यादा बिकने वाली आइटम बन गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में हापुस आम की ताजा कीमतें क्या हैं
APMC मार्केट में आवक बढ़ने के बाद हापुस आम के एक बॉक्स की कीमत अब 1,500 से 3,000 रुपये के बीच है, जो पहले 6,000 रुपये तक जा पहुंची थी।
FSSAI आमों की जांच कैसे कर रहा है
FSSAI की टीमें थोक बाजारों में स्ट्रिप पेपर टेस्ट का उपयोग कर रही हैं ताकि कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों का पता लगाकर नकली पकने वाले आमों को रोका जा सके।